#uttarakhand newsउत्तराखंड

सरकार ने विधानसभा सत्र को बताया ऐतिहासिक 

विशेष सत्र का समापन, विपक्ष ने कहा, सरकार के पास नहीं है विकास का रोड मैप

देहरादून: राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र तीन दिनों तक चलने के बाद बुधवार शाम को अनिश्चितकाल के लिए समाप्त हो गया। इस तीन दिवसीय विशेष सत्र की करवाई 20 घंटे 23 मिनट तक चली, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से हुई जबकि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच उत्तराखंड के 25 साल की विकास यात्रा और आने वाले 25 साल के रोड मैप पर चर्चा हुई हालांकि सदन के भीतर यह चर्चा कई बार मुद्दों से भटकती हुई भी नजर आई।

वहीं रजत जयंती वर्ष पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र की कार्रवाई को दो दिन के लिए रखा गया था लेकिन जब सदन में चर्चा शुरू हुई तो कई विधायक चर्चा से वंचित रह गए इसके बाद मंगलवार शाम कार्य मंत्रणा की बैठक में फैसला लिया गया कि सत्र की अवधि को एक दिन और बढ़ा दिया जाए जिससे सभी विधायकों को चर्चा का मौका मिले और विधायक अपने क्षेत्र में हुए विकास और क्षेत्र की जरूरत पर सदन में चर्चा कर सकें।

सदन की करवाई के दौरान सरकार ने बताई अपनी उपलब्धि

विशेष सत्र के पहले दिन सदन की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से हुई इसके बाद पहले दिन सदन की कार्रवाई को शाम 4 बजे शुरू किया गया और राज्य की 25 साल की उपलब्धि यो पर चर्चा शुरू हुई जहां सरकार ने अपनी उपलब्धियां को जनता के सामने रखा। पहले दिन कार्रवाई के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और गणेश जोशी ने सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां को बताते हुए सदन में बताया कि किस तरह प्रदेश में पर्यावरण और वन संपदा के साथ-साथ कृषि के क्षेत्र में सरकार काम कर रही है दोनों मंत्रियों के अलावा पुरोला और हरिद्वार विधानसभा सीट से भाजपा विधायकों ने भी सरकार की उपलब्धि को सदन में रखा।

जबकि दूसरे दिन सत्र की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में बताया कि सरकार ने किस तरह अवैध कब्ज को हटाकर सरकारी जमीनों को खाली कराया है और प्रदेश के डेमोग्राफी चेंज को लेकर भी सरकार गंभीर है साथ ही उन्होंने सदन में जानकारी दी की सरकार ने पिछले 4 सालों में अवैध मजारों और मद्रास पर कार्रवाई की है और मदरसा बोर्ड को भी भंग कर दिया है। उन्होंने बताया कि सदन में जानकारी दी कि बीते कुछ सालों में सरकार ने चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य क्या है और प्रदेश में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ बेहतर शिक्षण संस्थान भी खोले गए हैं।

विपक्ष ने सदन में सरकार से स्वास्थ सेवाओं पर पूछा सवाल

विशेष सत्र में सदन की कार्रवाई के दौरान विपक्ष ने भी चर्चा में हिस्सा लेते हुए पिछले 25 सालों में राज्य में हुए विकास और सदन में प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चर्चा की इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी समेत विपक्ष के विधायकों ने सरकार से शिक्षा और स्वास्थ पर सवाल पूछा और सरकार पर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ की बदहाली का आरोप लगाया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बताया कि पिछले 8 सालों में प्रदेश पर कर्ज 40 हजार करोड़ से बढ़कर एक लाख 5 हजार करोड़ हो गया है।

सदन की चर्चा मुद्दों से भटकी

उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को बुलाने के पीछे वजह थी कि सत्र के भीतर सभी विधायक पिछले 25 सालों की विकास यात्रा और आने वाले 25 सालों के विजन पर चर्चा कर सके लेकिन कई बार चर्चा के दौरान दोनों तरफ के नेता मुद्दे से भटक गए और बेमतलब के मुद्दों पर अपना कीमती समय गंवा दिया। इन चर्चाओं के दौरान सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच मैदानी और पहाड़ी विवाद ने भी जन्म ले लिया। हालांकि सदन के बाहर सत्ता पक्ष के नेताओं ने बताया कि जैसा समझा जा रहा है वैसा बिल्कुल नहीं है जबकि विपक्ष के विधायकों ने बार-बार इस बात को कहा कि सदन के भीतर अपनी इस तरह के बयान देकर कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाते हैं और विपक्ष के नेताओं ने कहा कि जिस मनसा से सरकार ने इस सत्र को बुलाया था वैसा सत्र में बिल्कुल नहीं हुआ और सरकार के पास विकास का कोई रोड मैप नहीं है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button