राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद में गूंजा देशभक्ति का स्वर
एनआईईपीवीडी समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में हुआ वंदे मातरम् का उदघोष

देहरादून: राष्ट्रगीत ‘‘वंदे मातरम्’’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर जनपद के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों में शुक्रवार सुबह ‘‘वंदे मातरम्’’ का गायन किया गया।

राष्ट्रीय दृष्टिबाधित व्यक्तियों के सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रंगोली प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें संस्थान के विद्यार्थी, शिक्षक एवं कर्मचारी सभी ने भाग लिया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. विनोद कुमार कैन, सहायक प्रोफेसर द्वारा किया गया, जिसमें संस्थान के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें इंजि. मनीष वर्मा (वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी–तकनीकी), डॉ. जसमेर सिंह (सहायक प्रोफेसर), डॉ. पंकज कुमार (सहायक प्रोफेसर), डॉ. (मेजर) चारु यादव (सेवानिवृत्त), सतेन्द्र शर्मा, नीतू साहनी, चेतना गोला और सभी शिक्षक और सभी कर्मचारी शामिल थे।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल ने अपने उद्बोधन में संस्थान के समावेशी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान दिव्यांगजनों को राष्ट्र की मुख्यधारा में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम का समापन डॉ. रेवती के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
जिलाधिकारी सविन बंसल के दिशा निर्देशन में जिला कार्यालय में उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह की मौजूदगी में क्लेक्ट्रेट परिसर के समस्त अधिकारियों, कार्मिकों एवं श्री गोर्वधन सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं की उपस्थिति में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। इस मौके पर देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में अधिकारीगण, कार्मिक, शिक्षक, विद्यार्थी सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, अपितु राष्ट्र के प्रति सम्मान और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा का स्रोत रहा है। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों में वंदे मातरम् का गायन किया जा रहा है। क्लेक्ट्रेट परिसर में ‘‘भारत माता की जय’’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर क्लेक्ट्रेट परिसर के समस्त अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद थे।



