लुई ब्रेल का हमेशा ऋणी रहेगा दृष्टि दिव्यांग समाज
एनआईईपीवीडी देहरादून में ब्रेल लिपि के अविष्कारक लुई ब्रेल की जयंती पर हुआ कार्यक्रम

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून (एनआईईपीवीडी) में लुई ब्रेल की 217वीं जयन्ती पर आदर्श विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा संगीत अध्यापक राजकुमार के निर्देशन में लुई ब्रेल वन्दना तथा विद्यालय-गीत की सराहनीय प्रस्तुति दी गयी।
संस्थान के निदेशक प्रदीप अनिरुद्ध ने लिबलुई प्रमाणिक ड्राफ्ट का ऑनलाइन विमोचन करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि ब्रेल लिपि केवल पढ़ने का साधन नहीं है अपितु आत्मनिर्भरता, सम्मान और समानता की सशक्त लिपि है।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य अमित शर्मा ने ब्रेल के आविष्कारक लुई ब्रेल को महान विभूति बताते हुए कहा कि उनके योगदान के लिए दृष्टि दिव्यांग समाज सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने बताया कि आज आदर्श विद्यालय का स्थापना दिवस है। उन्होंने कहा कि विद्यालय 66 वर्षों से दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राओं के भविष्य का निर्माण कर रहा है और यहाँ के छात्र भारत में विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर आसीन हैं।
कार्यक्रम समन्वयक डाॅ० पंकज कुमार ने स्वागत सम्बोधन में लिबलुई प्रमाणिक ड्राफ्ट के विषय में विस्तार से वर्णन किया।
इस अवसर पर ब्रेल अनुदेशक कल्पना कसेरा ने लुई ब्रेल के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। रोहित कुमार ने ब्रेल लिपि की विकास यात्रा के विषय में बताया। डॉ० प्रेमानन्द मिश्रा ने ब्रेल लिपि का महत्व, एम०बी० सिंह ने ब्रेल पुस्तकों की महत्ता, मुरलीधर दास ने ब्रेल उपकरणों का प्रयोग तथा डाॅ० रेवती ने वर्तमान तकनीकी युग में ब्रेल लिपि की आवश्यकता विषय पर व्याख्यान दिया।
प्रूफ रीडर ललन कुमार लाल तथा विद्यार्थियों अनन्या सिंह और दिनेश कुमार ने कविताओं के माध्यम से लुई ब्रेल को याद किया।
अन्त में संगीत अनुदेशक अरविन्द धुराटकर तथा कौशल विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण विभाग के प्रशिक्षार्थियों द्वारा गीत-प्रस्तुति से लुई ब्रेल को नमन किया गया।
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक सुनील सिरपुरकर, वाई० रामाकृष्णा, वरुण यादव, रणबीर सिंह, इन्दू चौधरी, अल्पना माहौर, सीमा पाल, शालिनी चौधरी, आकाश नेगी, अजय सिंह, मोनिका, अनुज, रंजीत, नरेश और दृष्टि दिव्यांग कर्मचारी रामलायक राम, घनश्याम प्रसाद, बैकुण्ठ नाथ बाजपेयी, रतनेश कुमार, राजू मौर्या सहित अधिकाधिक संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं दृष्टि दिव्यांग प्रशिक्षार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए टंकण अनुदेशक सतेन्द्र शर्मा ने आभार ज्ञापित किया।
राष्ट्र-गान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।



