एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय का किया घेराव

देहरादून: राजधानी में हत्या की घटनाओं से गुस्साए यूवक कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस कर्मियों में जमकर धक्का-मुक्की हुई।
इस दौरान एनएसयूआई के दर्जनों युवा छात्रों ने पुलिस मुख्यालय के सामने खड़े होकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और प्रदेश में लगातार लचर होती कानून व्यवस्था पर अपना विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस मुख्यालय पर लगातार उग्र होते इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस कर्मियों द्वारा इस प्रदर्शन को रोका गया और ज़बरन इस प्रदर्शन को बंद करवाया गया, जिसके बाद के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खूब धक्कामुक्की भी देखने को मिली।
पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों ने इन सभी कार्यकर्ताओं को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर हिरासत में लिया और धरना स्थल से दूर ले गई। प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ता हिमांशु जिन्हें पुलिस पकड़कर ले गयी उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल लचर हो चुकी है। देहरादून में एक के बाद एक हत्याएं हो रही हैं। खुलेआम दिनदहाड़े शहर के पॉश इलाकों में गोलीकांड हो रहे हैं, लेकिन पुलिस इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
एनएसयूआई से जुड़े मयंक रावत ने कहा कि प्रदेश में लगातार हत्याएं हो रही हैं। बाहर के लोग यहां आकर शहर के माहौल को अशांत कर रहे हैं, फिर भी पुलिस सोई हुई है। पुलिस को नींद से जगाने के लिए एनएसयूआई के कार्यकर्ता शांतिपूर्वक ढंग से पुलिस मुख्यालय का घेराव कर रहे थे, लेकिन पुलिस को ये नागवार गुज़रा और जबरन उनके प्रदर्शन को कुचला। अनुराग कर्णवाल ने कहा कि अब तक इस तरह के घटनाक्रम उत्तर प्रदेश में सुनने में आते थे, लेकिन अब जिस तरह के देहरादून में हत्याएं हो रही है, उससे तो उत्तराखंड भी यूपी की तरह क्राइम सिटी बनता जा रहा है।
अनुराग कर्णवाल का कहना है कि बीते कुछ दिनों में सभी हत्याएं पुलिस मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर हुई है। देहरादून में खुलेआम गोलियां चल रही है। खुलेआम लड़कियों का गला काटा जा रहा है और वो भी घंटाघर, पलटन बाजार, परेड ग्राउंड और राजपुर रोड जैसे पॉश इलाकों में हैं। यही पर लोग सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश के दूरदराज वाले इलाकों में क्या सुरक्षित होंगे?



