विमोचन के बाद अपने संबोधन में मुख्य अतिथि जितेन ठाकुर ने कहा कि हरभजन सिंह मेहरोत्रा की कहानियां समाज की सच्चाइयों को बेहद सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं। ‘गठरी व अन्य कहानियां’ पाठकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से सोचने के लिए भी प्रेरित करती हैं। कहा कि इस प्रकार की रचनाएं साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को पढ़ने और लिखने के लिए प्रेरित करती हैं।
समारोह में साहित्य प्रेमियों, लेखकों और पाठकों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक के कुछ अंशों का पाठ भी किया गया, जिसे साहित्य प्रेमियों ने खूब सराहा। पुस्तक में सामाजिक, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध अनुभवों को कहानियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सक्षम हैं।
इस अवसर पर साहित्यकार शशिभूषण बडोनी, कुसुम भट्ट, मुकेश नौटियाल, प्रकाशक एवं कवि प्रबोध उनियाल, वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल गुसाईं, शायर दर्द गढ़वाली, भारती मिश्रा, गंभीर सिंह पालनी, धनेश दत्त रतूड़ी, रजनीश त्रिवेदी, प्रेम साहिल आदि उस्थित रहे।