प्रधानमंत्री ने प्रदेश को दी दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात
पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी मंगलवार को 28वीं बार पहुंचे उत्तराखंड, दून में किया रोड शो
देहरादून: पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी मंगलवार को 28वीं बार उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे।
एलिवेटेड रोड पर भी पीएम मोदी ने कार से उतरकर निरीक्षण किया। यहां से उन्होंने एलिवेटेड कॉरिडोर का व्यू प्वाइंट देखा। देहरादून में रोड शो के बाद प्रधानमंत्री मोदी शहीद जसवंत मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।
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सफ़र आसान, पर चुनौतियां भी बढ़ी
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से राष्ट्रीय राजधानी का सफर तो आसान हो गया, लेकिन इससे राज्य की राजधानी की चुनौतियां बढ़ गई हैं। फर्राटा भरते यातायात के प्रवाह से राजधानी के प्रवेश द्वार पर टकराव (जाम) का खतरा बने रहने की आशंका है। हालांकि, इससे बचने के लिए रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा, मगर यह फिलहाल धरातल पर नहीं उतर सका है।
दरअसल, जिस दिन से इस एक्सप्रेसवे की घोषणा हुई, तब से ही सरकार और आला अधिकारियों को एंट्री प्वाइंट पर शहर की सड़कों की क्षमताओं की चिंता सताने लगी थी। चारधाम यात्रा और गर्मियों में पर्यटन सीजन में यहां राजधानी में आने वाले वाहनों में एकाएक कई गुना तक की बढ़ोतरी हो जाती है।
विधिवत शुरुआत होने से पहले यदाकदा जब इस नए मार्ग को खोला जाता था तब यातायात प्रवाह अचानक बढ़ जाता है। टनल खुलने के बाद यहां बड़े-बड़े कंटेनर आना शुरू हो गए तो एक साल में लगभग आधा दर्जन से ज्यादा बड़े हादसे भी आशारोड़ी क्षेत्र के ढलान पर हुए। इन सभी पहलुओं को देखते हुए समय-समय पर अधिकारियों की बैठकें होती हैं जिनमें भारी भरकम दिशा निर्देश इस क्षेत्र के मद्देनजर दिए जाते हैं। हालांकि, ये निर्देश अभी तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं।
अभी तक दो विकल्प थे, अब सिर्फ एक
दिल्ली जाने के लिए राजधानी और आसपास के लोगों के पास दो विकल्प थे। पुराने रूट में समय लगता था तो बहुत से लोग हरिद्वार का रास्ता चुनते थे। यह मार्ग करीब छह साल पहले से संचालित हो रहा है। अब चूंकि यह हरिद्वार-दिल्ली मार्ग से चौड़ा और सीधा सपाट है तो इस पर और अधिक दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में फिर वही चिंता कि आशारोड़ी से शहर के बीच का सफर दिल्ली से भी लंबा हो सकता है।
जोगीवाला का नहीं निकला हल, अब दूसरा बोटलनेक तैयार
करीब छह साल पहले देहरादून-हरिद्वार फोर लेन हाईवे पूरी तरह बनकर तैयार हुआ था। उस वक्त देहरादून से हरिद्वार का सफर महज 40 से 50 मिनट का हो गया, मगर वहां से आने वाले दबाव को झेलने के लिए प्रवेश द्वार जोगीवाला तैयार नहीं था। लिहाजा परिणाम यह हुआ कि यह क्षेत्र एक बोटलनेक बनकर उभर आया। कुछेक दुकानें इधर-उधर हुईं तो चौड़ाई बढ़ गई लेकिन यह उस यातायात के प्रवाह को झेलने के लिए नहीं थी। नतीजा यह हुआ कि आम दिनों में जोगीवाला से देहरादून 40 मिनट और इससे पहले कारगी से जोगीवाला का महज पांच किलोमीटर का सफर भी 40 मिनट का ही हो गया। अब यही हाल आशारोड़ी क्षेत्र में भी होने की आशंका जताई जा रही है।
देहरादून में पांच साल में डेढ़ गुना बढ़े वाहन
पुलिस का अनुमान है कि एक्सप्रेसवे खुलने के बाद इस क्षेत्र में वाहनों की संख्या पीक समय में तीन से चार गुना तक हो सकती है। हालांकि, पुलिस इसके विधिवत शुरुआत के बाद एक सप्ताह का डाटा जुटाएगी। एसपी ट्रैफिक लोकजीत ने बताया कि फिलहाल यह आंशिक रूप से ही खुला है और पीक समय शुरू होने वाला है। ऐसे में एक सप्ताह का डाटा आने के बाद यहां और क्या तैयारियां करनी हैं, इसका प्लान बनाया जाएगा। जहां तक देहरादून की बात है तो यहां स्थानीय वाहनों का भी खासा दबाव है। यहां पांच साल में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगभग 90 हजार से 1.30 लाख हो गई है। शहर के लिए ये वाहन भी बड़ी चुनौती है।
एक्सप्रेसवे से दून के कारोबार को भी लगेंगे पंख
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे दून में उद्योगों और व्यापार की राह को काफी आसान करेगा। उद्यमियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे का निर्माण न केवल समय सीमा कम करेगा बल्कि उद्योग के लिए भी राहत भरा होगा। अब कारोबारियों के लिए एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट करना आसान हो जाएगा। विदित हो कि व्यापारियों को अधिकतर कारोबार के लिए दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ती है, इसके लिए भी अब उन्हें कम समय लगेगा और व्यापार को भी पंख लगेंगे।
एक्सप्रेसवे के बनने से छह घंटे की जगह अब 2.5 घंटे लगेेंगे। एक्सपोर्ट के लिए उद्यमियों को काफी सहायता मिलेगी। इसके साथ ही कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। एक्सप्रेसवे बनने से दून का कारोबार रफ्तार लेगा। पहले कारोबारी दिल्ली जाते थे तो उन्हें वहीं रुकना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कम समय लगेगा और कारोबार आगे बढ़ेगा। -पंकज गुप्ता, अध्यक्ष इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
एक्सप्रेसवे बनने से दून का कारोबार काफी बढ़ेगा। एक्सप्रेसवे व्यापारियों की राह को भी काफी आसान करेगा। दिल्ली से अब पर्यटक बड़ी संख्या में दून आएंगे, इससे कारोबार बढ़ेगा। इसके साथ ही व्यापारियों को भी दून से दिल्ली जाने के लिए काफी राहत मिलेगी। -पंकज मैसोन, अध्यक्ष, दून वैली उद्योग व्यापार मंडल
एक्सप्रेस-वे : शहर पर होगा चौतरफा दबाव, पुलिस ने तैयार किया प्लान
एक्सप्रेस वे खुलने के बाद शहर पर चौतरफा दबाव पड़ सकता है। पुलिस ने इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें विभिन्न इलाकों की चुनौतियों को भी बताया गया है। इन सबसे पार पाने के लिए पुलिस कुछ काम तो अपने स्तर से करेगी। जबकि, बहुत से कामों के लिए दूसरे विभागों से पुलिस ने अपेक्षा की है। इसके लिए शॉर्ट और लांग टर्म प्लान बनाकर विभागों को भेजा गया है।
यहां पड़ेगा प्रभाव
-रिस्पना पुल क्षेत्र::यहां विधानसभा स्थित होने के कारण मार्ग पर वीआईपी का आना जाना लगा रहता है।
-आंतरिक मार्ग: जीएमएस रोड, राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, ईसी रोड, हरिद्वार बाईपास रोड और रायपुर रोड आदि पर पीक समय में ट्रैफिक धीमी गति से चल सकता है।
-आईएसबीटी क्षेत्र: बाहरी जिलों से आने वाली बसों, पर्यटक वाहनों व निजी वाहनों की संख्या बढ़ने से चंद्रबनी चौक, ट्रांसपोर्ट नगर चौक और शिमला बाईपास चौक पर जाम लग सकता है।
-घंटाघर क्षेत्र: यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। ऐसे में यहां लगातार यातायात दबाव बना रह सकता है।
-सहस्रधारा रोड: पर्यटक स्थलों को जाने वाले वाहनों के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में यहां आवासीय क्षेत्रों में भी यातायात दबाव बढ़ जाएगा।
-रायपुर रोड: वीकेंड पर अक्सर वाहन बढ़ जाते हैं। एक्सप्रेसवे खुलने से मार्ग पर जाम लगने की आशंका है।
-मसूरी मार्ग: मसूरी की ओर जाने वाले पर्यअक वाहनों की वृदि्ध से पार्किंग की समस्या होगी। यहां बोटलनेक बन सकता है जिससे आवाजाही में समस्या होगी।



