राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन में बही काव्य की सरिता
परेड ग्राउंड में स्वदेशी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किया गया कवि सम्मेलन

देहरादून: स्मृति विकास संस्थान की ओर से शुक्रवार और शनिवार को परेड ग्राउंड में स्वदेशी महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने जहां सामाजिक विसंगतियों पर कविता सुनाई, वहीं देशभक्ति से लबरेज रचनाओं से भी समां बांधा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. इंदू अग्रवाल और दर्द गढ़वाली ने की, जबकि संचालन ओज के सशक्त हस्ताक्षर श्रीकांत श्री, दिव्यांश कुमार और अवनीश मलासी ने किया।

वरिष्ठ कवयित्री मणि अग्रवाल मणिका ने मां सरस्वती की वंदना कर कवि सम्मेलन की शुरुआत की। ओज कवि जसवीर सिंह हलधर ने वंदे मातरम से प्रेरित गीत सुनाकर समां बांध दिया। दिव्यांश और अवनीश मलासी ने शिव स्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वीरेंद्र डंगवाल पार्थ ने श्रृंगार रस की कविता और माहिया सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी। वरिष्ठ कवयित्री इंदू अग्रवाल ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए माचिस की तीली कविता के माध्यम से महिलाओं की स्थिति बयां की। दर्द गढ़वाली ने अपनी ग़ज़लों से श्रोताओं की दाद बटोरी। इसके अलावा, युवा कवयित्री कविता बिष्ट, कमला, भानुप्रताप सिंह, उमेश सिंह ने भी काव्य पाठ कर तालियां बटोरी।
इस मौके पर मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल ने स्वदेशी महोत्सव को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी कवियों को सम्मानित किया। इस मौके पर राष्ट्रीय कवि संगम के संरक्षक अनिल अग्रवाल, स्वदेशी महोत्सव के संयोजक वीरेंद्र सिंह, राष्ट्रीय स्तर की कवयित्री महिमा श्री आदि मौजूद थे।



