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पंद्रह हजार रिश्वत लेते एकाउंटेंट गिरफ्तार 

देहरादून: राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान की कड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में फैली रिश्वतखोरी की पोल खोल दी है। विकास खंड लमगड़ा स्थित ब्लॉक कार्यालय में तैनात एकाउंटेंट हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने बुधवार को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

विजिलेंस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसके शौचालय निर्माण कार्य से संबंधित 3,00,000 रुपये के टेंडर की एफडीआर रिलीज कराने के नाम पर आरोपी एकाउंटेंट लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता टीम ने योजना बनाकर ट्रैप बिछाया। बुधवार, 08 अप्रैल 2026 को टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ब्लॉक कार्यालय लमगड़ा में जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। आरोपी हर सिंह बिष्ट, पुत्र बहादुर सिंह बिष्ट, वर्तमान में विकास खंड लमगड़ा में लेखाकार के पद पर तैनात है और अल्मोड़ा के बांसमीड़ा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी दफ्तरों में किस तरह आम जनता से खुलेआम वसूली की जा रही है। सवाल यह भी उठता है कि क्या बिना “चढ़ावे” के अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेना संभव नहीं रह गया है। सतर्कता अधिष्ठान की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि रिश्वतखोरी की शिकायत मिलने पर इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत सतर्कता विभाग से करें, ताकि ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।

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