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ग़ज़ल
ग़ज़ल अंधेरों को मिटाना चाहता था। दिये सा जगमगाना चाहता था।। वो मेरे पास आना चाहता था।। मैं जिससे दूर…
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प्रकृति का चितेरा शायर सुभाष पाठक ‘ज़िया’
सुभाष पाठक ‘ज़िया’ आज के दौर के बेहतरीन नौजवान शायर हैं जो ग़ज़ल की रिवायत पर चलते हुए जदीद शायरी…
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राज्य आंदोलनकारियों और आश्रितों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा आरक्षण
देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण बिल को भी…
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आमजन की आवाज थे दुष्यंत कुमार
हिंदी ग़ज़ल के भी नायक थे दुष्यंत कुमार “दुष्यंत की शायरी को मिथिलेश ने बहुत गंभीरता और बारीकी से देखा…
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ग़ज़ल
ग़ज़ल जिंदगी से भरा रास्ता चाहिए। हादसा अब न कोई नया चाहिए।। ग़म मिले या खुशी कोई भी ग़म नहीं।…
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भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना
शब्द क्रांति लाइव ब्यूरो, देहरादूनः भाई-बहनों के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार गुरुवार को देशभर में धूमधाम से मनाया…
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बेबाकी से सच्चाई को बयां करता है ग़ज़ल संग्रह ‘भोंपू सा चिल्लाते रहिए’
साहित्य समाज का दर्पण है और यदि कोई उस सच से वास्ता नहीं रखता या सच नहीं कहता और लिखता…
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विद्रोही तेवर का शायर अखिलराज इंदौरी
अच्छी सोच, अच्छे ख्याल और बेबाकी से अपनी बात रखना आसान नहीं है। मौजूदा दौर तो ऐसा दौर है, जिसमें…
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