साहित्य
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मैं तो हूं दीवाना बाबा
मैं तो हूं दीवाना बाबा। मुझसे क्या शरमाना बाबा।। सांसों का थम जाना यानी। जख्मों का भर जाना बाबा।। ये…
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वो हमें आसरा नहीं देंगे
ग़ज़ल वो हमें आसरा नहीं देंगे। दर्द की कुछ दवा नहीं देंगे।। ज़ीस्त की वो दुआ नहीं देंगे। वो वफ़ा…
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बात करते हैं दिल दुखाने की
ग़ज़ल बात करते हैं दिल दुखाने की। शर्त रक्खी है मुस्कुराने की।। आइना देखना दिखाना है। शर्त ये कैसी है…
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दे रहा है साथ मेरा बाखुदा कोई तो है
ग़ज़ल दे रहा है साथ मेरा बाखुदा कोई तो है। दर्द की जो कर रहा मेरी दवा कोई तो…
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दर्द गढ़वाली की ग़ज़ल
ग़ज़ल ख़बर कर दो रक़ीबों को तमाशा आम हो जाए। तुम्हारा नाम हो जाए हमारा काम हो जाए।। उसे देना…
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पेड़ से इतर छाँव कहाँ सुकून कहाँ
मनुष्य , प्रकृति और जीवन से गहरे स्तर पर जुड़े साहित्यकार श्री माधव नागदा संवेदनशील कवि होने के साथ-साथ प्रगतिशील…
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दर्द गढ़वाली की ग़ज़ल
ग़ज़ल दुख में तू भी हंसता है क्या। तू भी रब का बंदा है क्या।। रोज मेरे ख्वाबों में आए।…
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जफ़ा इक तरफ़ है वफ़ा इक तरफ़
ग़ज़ल जफ़ा इक तरफ़ है वफ़ा इक तरफ़। हसींनों की यारो अदा इक तरफ़।। हमारी वफ़ा का सिला इक तरफ़।…
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कुत्तों का तंत्र मरा हुआ जनतंत्र
♥कवि , कथाकार , यायावर और ‘ किरसा ‘ पत्रिका के संपादक सतीश छिम्पा मूलतः रोमांटिक भावबोध और उसके साथ…
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दर्द गढ़वाली की ग़ज़ल
ग़ज़ल एक नहीं सौ बार करें। जी भर के सब प्यार करें।। सरहद सब मिस्मार करें। दुनिया का विस्तार करें।।…
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