मुशायरा/कवि सम्मेलन
-
शायर अफ़ज़ल मंगलौरी ‘उत्तराखंड रत्न’ सम्मान से विभूषित
देहरादून: उत्तराखंड का नाम देश विदेश में रौशन करने वाले अफ़ज़ल मंगलौरी को देश के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और ब्यूरोक्रेट्स की…
Read More » -
‘बंद पड़ी थी यादें सारी बक्से में’
ग़ज़ल क्या-क्या चीजें रख रक्खी थी बक्से में। बंद पड़ी थी यादें सारी बक्से में।। पेड़ लगाओ पेड़…
Read More » -
‘लकड़ी के कीड़े कितनी ही शीशम को खा गए’
देहरादून: ‘झूठों ने की तरक्की वो महलों को पा गए। सच्चे हमारे जैसे तो सड़कों पे आ गए।। कुर्सी पे…
Read More » -
‘दहशत के आतंक ने, मार दिए निर्दोष’
देहरादून: साहित्यिक एवं सामाजिक मंच लोक मित्र की मासिक काव्य गोष्ठी रविवार को खुड़बुड़ा स्थित योगमाया मंदिर में हुई, जिसमें…
Read More » -
‘पहले बतलाते के शोलों को धुआं बोलना है’
इंदौर: गत दिनों पश्चिम निमाड़ (खरगोन) के उस्ताद शाइर मरहूम राज़ साग़री सा. की याद में इंदौर में ‘याद-ए-राज़ साग़री’…
Read More » -
डाट काली मंदिर में बही कविता की रसधार
देहरादून: जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था, हृदयांगन एवं राष्ट्रीय कवि संगम के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को डाट काली…
Read More » -
‘सच में थोड़ा झूठ मिलाना ठीक रहेगा’
देहरादून: मूलनिवासी सभ्यता संघ की ओर से संयुक्त जयंती समारोह के उपलक्ष्य में शनिवार को ओएफडी स्थित जूनियर क्लब में…
Read More » -
कान्हा आओ…फाग सूना पड़ा है तुम्हारे बिना
देहरादून: परवाज़े-अमन की अध्यक्ष अंबिका रूही ने जब अपनी नज़्म कान्हा के नाम ख़त की यह पंक्तियां ‘कान्हा खुद आओ…
Read More » -
कवियों ने गीत-ग़ज़लों से महफ़िल को लगाए चार चांद
देहरादून : साहित्यिक और सामाजिक संस्था मुंबई की हृदयांगन एवं डॉ सत्य होप टॉक संस्था बनारस के संयुक्त तत्वावधान में…
Read More » -
कवियों और शायरों ने गीत-ग़ज़लों से लूट ली महफ़िल
बरेली: शुभम साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सत्यवती सिंह सत्या ने मशहूर शायर विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में…
Read More »