#uttarakhand newsउत्तराखंडकार्रवाईक्राइम

देहरादून के एक और नामी बिल्डर पर जीएसटी का छापा, मौके पर जमा कराए 48 लाख

देहरादून: राज्य कर विभाग की टीम ने शहर के एक नामी बिल्डर के राजपुर रोड स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। विभाग की कार्रवाई के दौरान ही बिल्डर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौके पर ही 48 लाख रुपए जमा कराए।

   राज्य कर आयुक्त सोनिका से प्राप्त निर्देशों के कम में संयुक्त आयुक्त (कार्य.) देहरादून सम्भाग अनुराग मिश्रा के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। टीम को प्रारंभिक जांच में यह तथ्य संज्ञान में आया कि बिल्डर के द्वारा प्रांत भीतर एवं प्रांत बाहर से ऐसी फर्मों से माल की खरीद की जा रही थी जो कि वर्तमान में मौके पर व्यापार नहीं कर रही थी तथा जिनका पूर्व में ही पंजीयन जीएसटी विभाग द्वारा निरस्त किया जा चुका था। रिकार्ड खंगालने पर कर चोरी के स्पष्ट संकेत मिलने लगे। इसके बाद विभाग ने कार्यालय में उपलब्ध तमाम दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारी तीन घंटे से अधिक समय तक बिल्डर्स के कार्यालय में मौजूद रहे और बिल्डर्स के जीएसटी से जुड़े समस्त दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

टीम लीडर उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि शुरूआती जांच में इस मामले में करापर्वचन की रकम ओर भी ज्यादा हो सकती है। उन्होंने कहा कि बिल्डर की तमाम व्यवसायिक गतिविधियों और वित्तीय परियोजनाओं की गहनता से जांच की जा रही है। तत्पश्चात् वास्तविक करदेयता का आंकलन किया जायेगा। विभाग मामले को संदिग्ध मानते हुए अग्रिम कार्यवाही करते हुए जांच का दायरा विस्तृत कर रहा है। संयुक्त आयुक्त (कार्य.) देहरादून सम्भाग अनुराग मिश्रा के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम के लीडर विजय कुमार उपायुक्त (कर निर्धारण) प्रथम राज्य कर देहरादून, योगश मिश्रा उपायुक्त (कर निर्धारण) तृतीय राज्य कर देहरादून, अवनीश पांडेय सहायक आयुक्त खण्ड-01 राज्य कर देहरादून, दीपक सेमवाल सहायक आयुक्त खण्ड-02 राज्य कर देहरादून, गजेन्द्र भंडारी, राज्य कर अधिकारी खण्ड-01 देहरादून द्वारा उक्त छापेमारी की कार्रवाई सम्पन्न की गई। इसी कम में यह भी उल्लेखनीय है कि अन्य बिल्डर्स भी विभाग की नजर में है, जिन पर कर चोरी पर अंकुश लगाये जाने की कार्रवाई निकट भविष्य में होनी तय है। किसी भी दशा में कर चोरी करने वाले डीलर को बख्शा नहीं जाएगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button