वरिष्ठ साहित्यकार मंजू श्रीवास्तव की दो पुस्तकों का लोकार्पण
सृजन-मंच, अमेरिका का भव्य चतुर्थ वार्षिकोत्सव -पुस्तक लोकार्पण एवं सम्मान समारोह

देहरादून: अंतरराष्ट्रीय संस्था सृजन एवं सामाजिक- साहित्यिक कला मंच ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को धर्मपुर रोड स्थित एक होटल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रख्यात साहित्यकार और नृत्यांगना मंजू श्रीवास्तव ‘मन’ की दो पुस्तकों ‘मनिहारिन’ कहानी संग्रह एवं ‘मन वृन्दावन’ काव्य संग्रह का लोकार्पण हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत महिमा श्री की सरस्वती वंदना से हुई। मुख्य वक्ता अनिल रतूड़ी एवं डॉ. सविता मोहन ने दोनों पुस्तकों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए इन्हें उत्कृष्ट कृति बताया। डॉली डबराल ने भी अपने वक्तव्य में मंजु श्रीवास्तव के व्यक्तित्व और कृतित्व की भूरि भूरि प्रशंसा की। मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी और विदूषी पोखरियाल ने भी लोकार्पित पुस्तकों के लिए मंजू श्रीवास्तव की सराहना की। मुख्य अतिथि मधु भट्ट ने मंजू श्रीवास्तव को संवेदनशील व्यक्तित्व का धनी बताया। कविता बिष्ट एवं अनीता सोनी ने मंजु श्रीवास्तव के काव्य संग्रह से कुछ दोहे पढ़े।

इस मौके पर उल्लेखनीय कार्यों के लिए कई लोगों को सम्मानित भी किया गया। समाज सेवा के लिए अरुणा चावला , राधा रतूड़ी, साधना शर्मा, आशना नेगी, वंदना श्रीवास्तव , पत्रकारिता के लिए इन्द्राणी पाँधी , वीरेंद्र डंगवाल, चिकित्सक डॉ. विजय बकाया, डाॅ. राकेश काला, सैन्य अफसर देवेश्वर प्रसाद, चित्रकार स्नेह सुधा नवल, गीतकार महिमा श्री, पर्यावरणविद महेश चिटकारिया, साहित्यकार मीरा नवेली, डॉ. रामविनय सिंह, कविता बिष्ट, अनीता सोनी, शिव मोहन सिंह , अंबर खरबन्दा , उषा झा , कुमार विजय द्रोणी, मणि अग्रवाल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ओज के सशक्त कवि श्रीकान्त श्री एवं कविता बिष्ट ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ गीतकार सतीश बंसल, जसवीर सिंह हलधर, जीके पिपिल, रजनीश त्रिवेदी, सत्य प्रकाश शर्मा, क्षमा कौशिक, अर्चना झा, दर्द गढ़वाली आदि मौजूद थे। सृजन की संस्थापिका मंजू श्रीवास्तव , कलामंच ऋषिकेश के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, महासचिव गोपाल भटनागर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।



