गुलदार ने मासूम को बनाया निवाला, चार साल के बच्चे को रसोई से उठाया
पौड़ी के भतकोट गांव में दिल दहला देने वाली घटना, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, नरभक्षी घोषित कर कार्रवाई की मांग

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी गढ़वाल में गुलदार (तेंदुआ) का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना में चौबट्टाखाल क्षेत्र के भतकोट गांव से 4 साल की मासूम बच्ची को गुलदार किचन की देहली से ही उठाकर ले गया। बाद में बच्ची का शव गांव से करीब ढाई किलोमीटर दूर एक गधेरे में बरामद हुआ। इस घटना से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, घटना चौबट्टाखाल के अंतर्गत भतकोट गांव की है। गुरुवार रात करीब 8 बजे दृष्टि नाम की 4 वर्षीय बच्ची अपने पिता हरेंद्र सिंह, मां सविता देवी और बड़ी बहन के साथ किचन में बैठी थी। तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक झपट्टा मारा और देहली पर बैठी बच्ची को उठाकर जंगल की ओर भाग गया। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण तुरंत जंगल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
काफी खोजबीन के बाद बच्ची का शव गांव से लगभग ढाई किलोमीटर दूर एक गधेरे में मिला। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इससे पहले 21 मार्च को खिर्सू क्षेत्र में भी गुलदार ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भारी दहशत है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब गुलदार गांवों में घुसकर घरों के आसपास घूम रहा है और बच्चों व महिलाओं को निशाना बना रहा है, जिससे गांव में रहना मुश्किल हो गया है। लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से गुलदार सक्रिय है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग उठाई है कि गुलदार को तुरंत नरभक्षी घोषित कर मार गिराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
वहीं, वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई है। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। साथ ही विशेष टीम का गठन भी किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है, जहां ग्रामीणों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बनती जा रही है।



