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पिरान कलियर दरगाह प्रबंधक रजिया बेग का इस्तीफा 

दरगाह प्रबंधन के ख़िलाफ़ लग रहा था लगातार शिकायतों का अंबार, वित्तीय अनियमितताओं के अलावा कर्मचारियों के शोषण का भी था आरोप 

रुड़की: जनपद के सबसे प्रतिष्ठित दरगाह साबिर पाक दरगाह का प्रबंधन सँभाल रहे प्रबंधक रजिया बेग ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है! इसे ज़िलाधिकारी की उस ऐतिहासिक सख्ती के आगे ‘आत्मसमर्पण’ माना जा रहा है, जिसने दरगाह को आए दिन के विवादों से निकालने के लिए निर्णायक कदम उठाया था।​

पिछले कुछ समय से दरगाह प्रबंधन के ख़िलाफ़ लगातार शिकायतों का अंबार लग रहा था। सूत्रों के मुताबिक, ये शिकायतें केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसमें कर्मचारियों के शोषण, अवैध निर्माण और चढ़ावे के धन के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।​

निर्णायक कदम:

जिला अधिकारी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, पिछले सप्ताह प्रबंधन के सारे प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज़ कर दिए।​

गहन जाँच:

इसके तुरंत बाद, एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित की गई, जिसका लक्ष्य प्रबंधन के कार्यकाल में हुए प्रत्येक संदिग्ध सौदे और निर्णय की तह तक जाना था।​अधिकारियों के इस धमाकेदार एक्शन के बाद, दबाव में आए प्रबंधक ने जाँच शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर अपना इस्तीफ़ा डीएम को सौंप दिया।​

‘विवादों का अड्डा’ बन गई थी दरगाह!​

जनता और स्थानीय धर्मगुरुओं का आरोप है कि जब से मौजूदा प्रबंधन ने कार्यभार संभाला था, दरगाह शांति और आस्था के केंद्र से ज़्यादा विवादों का अड्डा बन गई थी।​”प्रबंधक ने पद को अपनी निजी जागीर बना लिया था। हर दूसरे दिन किसी न किसी बात को लेकर शिकायत होती थी—कभी भंडारे के पैसे को लेकर, तो कभी दान पेटी की गिनती को लेकर।”

—​आरोप और शिकायतें (मुख्य बिंदु):​पारदर्शिता शून्य:

करोड़ों के सालाना चढ़ावे के बावजूद आय-व्यय का कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं।

​अवैध दख़ल: दरगाह की ज़मीन और आसपास की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्ज़े की शिकायतें।​लड़ाई-झगड़े: कर्मचारियों और ठेकेदारों के बीच आए दिन विवाद, जिसने दरगाह की छवि को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया।

इस्तीफ़ा सिर्फ़ ‘पहला कदम’, जाँच जारी रहेगी!

​ज़िलाधिकारी ने इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि यह जाँच से बचने का रास्ता नहीं है। डीएम ने कहा, “इस्तीफ़े का मतलब गुनाह की माफ़ी नहीं है। हमारी जाँच समिति हर पहलू की बारीकी से जाँच करेगी। यदि किसी भी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी या पद के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के ख़िलाफ़ कड़ी कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।”​फ़िलहाल, दरगाह का अस्थाई प्रबंधन डीएम द्वारा गठित विशेषज्ञों की एक टीम के हाथ में है, जो दरगाह की पवित्रता और शांति बहाल करने का काम करेगी।

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