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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस में बही काव्य सरिता

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन एवं सम्मान समारोह

देहरादून: ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सम्मान समारोह मंगलवार को इंजीनियर्स एन्क्लेव में अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

इस विशेष अवसर पर समाज, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों को सराहा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना, नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विदुषी डॉ. कमला पंत (उप निदेशक, विद्यालयी शिक्षा) रहीं।
विशिष्ट अतिथियों में रेनू देवी (पार्षद), डॉ. भारती पाण्डे (वरिष्ठ साहित्यकार), डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ (वरिष्ठ साहित्यकार), अमिता गर्ग (महिला उद्यमी), महिमा ‘श्री’ (वरिष्ठ साहित्यकार) तथा इंद्राणी पांधी (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा रचित सरस्वती वंदना को संगीतकार एवं शिक्षिका इंगिता पुजारी ने अपने सुमधुर कंठ से प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं सौम्य बना दिया।
संस्था के पदाधिकारियों में जी. के. पिपिल (उपाध्यक्ष),  कुमार विजय ‘द्रोणी’ (संगठन मंत्री) तथा डॉ. भारती मिश्रा (महामंत्री) की पावन उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
कार्यक्रम में कवयित्री अर्चना झा, रेखा जोशी, संगीता वर्मानी, संगीता लखेड़ा सहित अनेक साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कर्मियों ने सहभागिता की।
इंगिता पुजारी जी ने कविता बिष्ट नेह द्वारा रचित ग़ज़ल ‘ दो घड़ी हम साथ बैठे मुस्कराने के लिए।
आ गई इल्ज़ाम दुनिया क्यों लगाने के लिए” गाकर खूब तालियाँ बटोरी। कविता बिष्ट ‘नेह’ ने ‘’मातु का निस्वार्थ प्यार ममता भरा दुलार’’ गाकर समस्त मातृ शक्ति को समर्पित किया। महिमा “श्री” ने महिलाओं के सम्मान में बहुत सुन्दर गीत प्रस्तुत करके मंत्र मुग्ध कर दिया। बिदुषी इंद्राणी पांधी ने अपने सुविचारों से सभी महिलाओ को संबोधित किया उनका व्यक्तव्य बहुत सराहनीय रहा। विजय द्रोणी जी का सारगर्भित वक्तव्य सुनकर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हुआ। डॉ. भारती पांडे जी ने बहुत सुंदर हायकू एवं सारगर्भित उद्बोधन से सबका मन जीत लिया। डॉ. भारती मिश्रा ने अपने विचारों से सभी को प्रेरित किया।
सक्रिय महिला शक्ति के रूप में आशा गर्ग, इंगिता पुजारी, हीरा असवाल, पिंकी डिमरी तथा संगीता मित्तल की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि डॉ. कमला पंत ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा, विज्ञान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि नारी समाज की आधारशिला है और उसके सशक्त होने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथियों डॉ. भारती पाण्डे, रेनू देवी, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, अमिता गर्ग,  महिमा ‘श्री’ तथा इंद्राणी पांधी ने भी अपने प्रेरणादायी विचारों से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर इंजीनियर्स एन्क्लेव की सम्मानित महिलाओं तथा उपस्थित कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन, नारी गरिमा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।

‘जीवन्ती’ देवभूमि संस्था निरंतर साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान, अवसर और सशक्तिकरण की दिशा देने का कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, नारी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और महिलाओं को आत्मविश्वास एवं स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ तथा डॉ. भारती मिश्रा द्वारा अत्यंत गरिमापूर्ण ढंग से किया गया। यह आयोजन नारी शक्ति के सम्मान, प्रेरणा और सामाजिक जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण बनकर उपस्थित जनसमूह के लिए अविस्मरणीय रहा।

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