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गीत-ग़ज़लों से कवियों ने बांधा समां 

मित्र लोक की ओर से रविवार को हुआ भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन 

देहरादून: साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था मित्र लोक की ओर से रविवार को मित्र लोक पुस्तकालय में भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। गीतकार शिवमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कवि गोष्ठी में कवियों ने जहां सामाजिक विसंगतियों पर तंज कसे वहीं सियासत पर भी प्रहार किए। संचालन पवन शर्मा ने किया।

कवि गोष्ठी की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद कवि सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’ ने माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की और इसके बाद हरीश रवि ने अपनी कविता में कुत्ते के माध्यम से आज के हालात पर व्यंग्य किया। बाल कवि श्रीतिक कुमार ने देशभक्ति से संबंधित कविता पढ़ी। आनंद दीवान ने अपनी क्षणिकाओं से वाहवाही लूटी। इसके अलावा जीके पिपिल, नवीन आजम, पवन शर्मा, महेंद्र प्रकाशी और दर्द गढ़वाली ने अपनी ग़ज़लों से तालियां बटोरी। शिवचरण शर्मा मुज़्तर ने बहुत सुंदर गीत पढ़ा, जबकि आनंद सिंह आनंद ने गांव से संबंधित रचना से दिल जीत लिया।

इसके अलावा स्वाति मौलश्री और सुभाष वर्मा ने श्रीकृष्ण पर भजन प्रस्तुत किया। ग़ज़लकार अरूण भट्ट ने तरन्नुम में ग़ज़ल सुनाकर तालियां बटोरी। उर्मिला ने तरन्नुम में मुक्तक पढ़कर वाहवाही लूटी। अशोक शर्मा ने वीर रस से ओतप्रोत रचना सुनाकर सबमें देशभक्ति का जोश भरा। संजीव मेहता ने तरन्नुम में पंजाबी ग़ज़ल सुनाई। रविन्द्र सेठ ‘रवि’ और नरेन्द्र शर्मा ‘अमन’ ने हास्य और व्यंग्य से परिपूर्ण रचना से श्रोताओं को सोचने पर मजबूर किया। सतेंद्र शर्मा तरंग और सुनील दत्त की रचनाओं को सबने सराहा। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे गीतकार शिवमोहन सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन के साथ ही अपनी रचना से रिश्तों को बचाने का संदेश दिया। इससे पहले कवयित्री स्वाति मौल श्री की माता डाॅ० धनेश्वरी घिल्डियाल का सम्मान किया गया।

 

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