वरिष्ठ साहित्यकार निशा गुप्ता अतुल्य के लघुकथा और दोहा संग्रह का लोकार्पण

वरिष्ठ साहित्यकार निशा गुप्ता अतुल्य के लघुकथा और दोहा संग्रह का लोकार्पण
देहरादून: वरिष्ठ साहित्यकार निशा गुप्ता अतुल्य की दो पुस्तकों का गुरुवार को यहां हिंदी भवन में आयोजित भव्य समारोह में लोकार्पण किया गया। लोकार्पित पुस्तकों में एक लघु कथा संग्रह ‘मायरा’ और दूसरा अतुल्य दोहा संसार शामिल हैं। वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार असीम शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में पुस्तकों का लोकार्पण उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, डॉ. विद्या सिंह, केडी शर्मा, डॉली डबराल ने किया। प्रसिद्ध ओज कवि श्रीकांत श्री ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत युवा कवयित्री महिमा श्री ने सरस्वती वंदना से की, जो खुद निशा अतुल्य ने लिखी थी। इसके बाद डॉ. विद्या सिंह ने निशा अतुल्य के लघुकथा संग्रह मायरा पर चर्चा करते हुए इसे उत्कृष्ट कृति बताया। डॉली डबराल ने कहा कि निशा अतुल्य की लघुकथा सामाजिक और देहदान जैसे विषयों को भी उठाती है। डॉ. गीता खन्ना ने ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी पर बल दिया। डॉ. सुरेखा डंगवाल ने अपने लघुकथा संग्रह में पारिवारिक विषय उठाने के लिए निशा अतुल्य को बधाई दी। वरिष्ठ कवि केडी शर्मा ने दोहा संग्रह की समीक्षा करते हुए निशा अतुल्य के सम्मान में दोहे सुनाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार असीम शुक्ल ने निशा को नब्बे फीसद पढ़ने और 10 फीसद लिखने का सुझाव दिया। इससे पहले निशा अतुल्य ने दोनों पुस्तकों की रचना प्रक्रिया के बारे में चर्चा की। वरिष्ठ कवयित्री शोभा पाराशर और मणि अग्रवाल मणिका ने निशा के दोहों का पाठ किया।
इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामविनय सिंह, शिव मोहन सिंह, माहेश्वरी कनेरी, इंदू अग्रवाल, जसवीर सिंह हलधर, सत्य प्रकाश शर्मा, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू, शिवचरण शर्मा मुज़्तर, मंजू श्रीवास्तव, दर्द गढ़वाली आदि मौजूद थे।



