मानवीय संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है ‘द फ्री वर्स’
दून पुस्तकालय में हुआ शर्मिष्ठा के अंग्रेजी काव्य संग्रह ‘द फ्री वर्स' का लोकार्पण

देहरादून : देहरादून स्थित दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सभागार में शनिवार सायं शर्मिष्ठा के काव्य संग्रह ‘द फ्री वर्स का लोकार्पण किया गया जिसका प्रकाशन अर्थस् प्रेस नई दिल्ली द्वारा किया गया है।

कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत प्रोग्राम एसोसिएट चंद्रशेखर तिवारी द्वारा मंचासीन अतिथियों व उपस्थित लोगों के स्वागत से हुई। अंत में निकोलस हॉफलैण्ड ने समीक्षात्मक वक्तव्य देते हुए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मशहूर हस्ती चिन्नी स्वामी, जो कि पुरकुल स्त्री शक्ति की संस्थापक हैं, ने की।

कार्यक्रम की शुरूआत में लेखिका शर्मिष्ठा के अंग्रेजी काव्य संग्रह ‘द फ्री वर्स’ के लोकार्पण से हुई। उसके बाद पर परिचर्चा का कार्यक्रम हुआ। इसमें कविता संग्रह की रचयिता शर्मिष्ठा ने बताया कि यह 60 कविताओं का एक संग्रह है और कुल पांच अलग-अलग खंडों में विभक्त है। उक्त काव्य संग्रह का प्रत्येक खंड मानवीय भावनाओं, संवेदनाओं और सामाजिक परिवेश की विविधता को चित्रित करता है। संग्रह की कवितायें प्रेम की सर्वज्ञता, संत कवियित्री लाल देद द्वारा कश्मीरी रहस्यवाद, प्रकृति की विविध शक्तियों और संघर्ष एवं अस्तित्व के प्रति मानवीय प्रतिक्रियाओं से प्रेरित हैं। कार्यक्रम में कलाकार अनिल नखासी एवं लेखिका दीपांजलि सिंह चर्चाकार के तौर पर उपस्थित थे। इन चर्चाकारों द्वारा लेखिका शर्मिष्ठा से उनके काव्य संग्रह पर वृहद चर्चा की गई।

कार्यक्रम में विनीत पंछी द्वारा उक्त काव्य संग्रह के विषय में अपने विचारों को एक वीडियो क्लिप के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का मंच का संचालन बीना रायवारकार एवं निहिता द्वारा संयुक्त रुप से किया गया। कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित श्रोताओं ने पुस्तक के विविध पक्षों पर अपने जबाब-सवाल भी किये।
कार्यक्रम के दौरान कुसुम रावत, डॉ. वी के डोभाल, हरिचंद निमेष, लक्ष्मी प्रसाद बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’, प्रह्लाद सिंह, आलोक सरीन, देवेन्द्र कुमार, कुलभूषण नैथानी, सुन्दर सिंह बिष्ट के अलावा पीएम श्री जीजी आई सी की छात्राएं सहित अनेक साहित्यकार, लेखक, साहित्य प्रेमी और पुस्तकालय के युवा पाठक उपस्थित रहे ।



