कवियों ने सुनाई राष्ट्रप्रेम से संबंधित कविताएं
‘राष्ट्रीय कवि संगम’ (गढ़वाल इकाई) एवं हिंदी साहित्य अकादमी, देहरादून संभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

देहरादून: ‘राष्ट्रीय कवि संगम’ (गढ़वाल इकाई) एवं हिंदी साहित्य अकादमी, देहरादून संभाग के संयुक्त तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को प्ले पेन स्कूल, तिलक रोड में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवि गोष्ठी में कवियों ने राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं साहित्यिक संवेदनाओं से परिपूर्ण काव्य-पाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर किया।

गणतंत्र दिवस के पूर्व दिवस पर आयोजित इस काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी एवं मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी के सारगर्भित, राष्ट्रबोधक एवं ज्ञानवर्धक वक्तव्यों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। गोष्ठी अध्यक्ष डॉ. इंदु अग्रवाल जी ने सभा को अपने विचारोत्तेजक, प्रेरणादायी एवं साहित्य के सामाजिक दायित्वों को रेखांकित करने वाले उद्बोधन से पूर्णता प्रदान की। यह काव्य गोष्ठी गणतंत्र के मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व को साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त करने वाला देहरादून के साहित्यिक जगत के लिए एक स्मरणीय एवं प्रेरणास्पद आयोजन सिद्ध हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्ले पेन स्कूल की छात्रा मनस्वी द्वारा प्रस्तुत मनोहारी सरस्वती नृत्य से हुआ। तत्पश्चात विद्यालय की ही छात्रा पियासा द्वारा प्रस्तुत माँ दुर्गा की भावपूर्ण स्तुति ने सभागार को श्रद्धा, आस्था एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन गढ़वाल ईकाई की महामंत्री कविता बिष्ट ‘नेह’ और द्वितीय सत्र का संचालन वीरेंद्र डंगवाल ‘पार्थ’ ने संपन्न कराया।
यह थे उपस्थित
अनिल अग्रवाल, डॉ. इंदु अग्रवाल, अशोक विंडलास, चंद्रा जैन, श्रीकांत श्री, महिमा श्री, मीरा नवेली, कुमार विजय ‘द्रोणी’, शिव मोहन सिंह, अजय मोहन सिंह, अंबर खरबंदा, मंजू श्रीवास्तव, कविता बिष्ट ‘नेह’, मणि अग्रवाल ‘मणिका’, रजनीश त्रिवेदी, डॉ. भारती मिश्रा, जनाब शादाब मशहदी, डॉ. अनिल बलूनी, हरीश रवि, पवन शर्मा, निकी पुष्कर, संतोषी दीक्षित, डॉ. क्षमा कौशिक, इंदु जुगरान, नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’, निशा अतुल्य, महेश्वरी कनेरी, स्वाति ‘मौलश्री’, नरेंद्र उनियाल, दिव्यांश, सुशील रावत, धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’, पवन कुमार ‘सूरज’, वीरेंद्र डंगवाल, आनंद दीवान, जगदीश बाबला, संगीता शाह ‘शकुन’, विजय आनंद उनियाल, हरीश रवि, महेंद्र प्रकाशी, उर्मिला राममूर्ति, सत्यानंद बडोनी, दर्द गढ़वाली, अंशु जैन, एस.सी. वर्मा, श्रीकांत शर्मा, डॉ. उषा झा ‘रेणु’, अमायिरा ज्योति भंडारी, शिवानी रत्रा, महेंद्र प्रकाशी, रविंद्र सेठ सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।



