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उक्रांद नेता दिवाकर भट्ट नहीं रहे, हरिद्वार में अपने आवास पर ली आखिरी सांस 

देहरादून: उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। शाम 4 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने अपने खड़खड़ी हरिद्वार स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। पिछले दस दिनों से वह देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे। यूकेडी के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी के मुताबिक दिवाकर को न्यूरो की समस्या थी और उनका ब्रेन काम करना बंद कर चुका था। आगे स्वास्थ्य जटिलताएं बढ़ीं और एक दुर्घटना भी हुई, जिसके कारण उनकी हालत और कमजोर हो गई।

बता दें कि दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी कार्यकर्ताओं में रहे हैं। उत्तराखंड क्रांति दल (यकूेडी) के संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने लंबे समय तक इसी दल के सदस्य रहकर राज्य स्थापना आंदोलन का नेतृत्व किया। बाद में वह भाजपा में शामिल हुए थे। वे विधायक भी रहे हैं।  इसके बाद वह वापस यूकेडी में लौटे थे।

सीएम धामी ने जताया शोक

भट्ट के निधन पर सीएम धामी भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखते हुए कहा- उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दिवाकर भट्ट जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर जनसेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव अविस्मरणीय हैं।

विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्य दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अग्रवाल ने कहा कि दिवाकर भट्ट के निधन का समाचार पूरे उत्तराखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। राज्य निर्माण आंदोलन में उनका संघर्ष, समर्पण और योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा हेतु लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दिवंगत नेता को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी पावन आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

 

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