‘तुम्हें श्याम बंसी बजानी पड़ेगी सदा प्रेम दौलत लुटानी पड़ेगी’
जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था एवं हिमालय विरासत ट्रस्ट, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में हुआ कवि सम्मेलन

देहरादून: ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था एवं हिमालय विरासत ट्रस्ट, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को प्रीतम रोड स्थित रचना सभागार में आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में कवियों ने जहां सामाजिक और प्यार-मुहब्बत की रचनाएं सुना, वहीं व्यवस्था पर भी तंज कसे गए। यह साहित्यिक अनुष्ठान संस्था की महामंत्री डॉ. भारती मिश्रा के जन्मदिवस के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। आशना कण्डियाल नेगी एवं संगीता वर्मानी का भी जन्मदिन मनाया गया। इस उत्सव से कार्यक्रम में आत्मीयता, उल्लास और उत्सव का भाव और अधिक सघन हो उठा। मध्य प्रदेश से आए वरिष्ठ साहित्यकार विवेक चतुर्वेदी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मशहूर शायर जनाब अंबर खरबंदा ने की, जबकि संचालन मणि अग्रवाल मणिका ने किया।

कार्यक्रम का शुभांरभ संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ ने माँ सरस्वती की वंदना से किया। इसके बाद काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। विवेक चतुर्वेदी ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी। कविता बिष्ट ‘नेह’ ने ‘तुम्हें श्याम बंसी बजानी पड़ेगी सदा प्रेम दौलत लुटानी पड़ेगी’ पढ़कर श्रोताओ को मंत्रमुग्ध कर दिया। मणि अग्रवाल ‘मणिका’ “फागुन रेखाचित्र बनाये, मन के कोरे कैनवास पर। कैसे कोई संयम रख ले, किसी अनबुझी एक प्यास पर।” सुनाकर सभागार को काव्य रस से सराबोर कर दिया। डॉ. भारती मिश्रा ने “देवभूमि की पावन मिट्टी कहे पुकार पुकार के” सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी। सिद्धी डोभाल सागरिका जी ने “पादपों ने खोल दी है, पल्लवों की डोर” सुनाकर भाव विभोर कर दिया।
कवि सम्मेलन में गौरव विवेक, अंबर खरबंदा, डॉ. बेचैन कंडियाल, रजनीश त्रिवेदी, मंजू श्रीवास्तव, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, रमेश चन्द्र, एल.के. त्रिपाठी, दर्द गढ़वाली, सुभाष चंद वर्मा, सिद्धि डोभाल ‘सागरिका’, शादाब मेहंदी, सचिन चौहान, सोमेश्वर पाण्डेय, सत्यप्रकाश शर्मा ‘सत्य’, डॉ. नीता कुकरेती, संजय प्रधान, पवन कुमार ‘सूरज’, रविंद्र सेठ, महेश्वरी कनेरी, सतीश बंसल, डॉ. संजीव शर्मा, साधना शर्मा, भारती आनंद, शिवचरण शर्मा मुज़्तर, शोभा पाराशर, सुनील पाराशर, स्वाति ‘मौलश्री’, संगीता वर्मानी, अर्चना झा ‘सरित’, आनंद सिंह राजपूत, सुनील दत्त, महेंद्र प्रकाशी ने शानदार काव्य पाठ कर श्रोताओं की तालियां बटोरी। कवि सम्मेलन का समापन मुख्य अतिथि विवेक चतुर्वेदी, अध्यक्ष अंबर खरबंदा विशिष्ट अतिथि जगदीश बाबरा और साधना शर्मा के उद्बोधन से हुआ।



