कवियों ने व्यंग्यपरक कविताओं से बटोरी तालियां
दून लाइब्रेरी में तीरंदाज नाम से सजी कविताओं की महफ़िल

देहरादून: राजधानी देहरादून स्थित दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से शनिवार शाम को आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने व्यंग्यपरक कविताओं से श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरी।

तीरंदाज नाम से आयोजित इस कवि सम्मेलन में जनकवि डॉ. अतुल शर्मा, राकेश चंद्र जुगरान, वीरेंद्र डंगवाल पार्थ, लक्ष्मी प्रसाद बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’ और नीरज नैथानी ने अपनी कविताओं से सामाजिक जनजीवन में मौजूद यथार्थ को उजागर किया। कवियों की रचनाएं समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, मिलावट, गरीबी, भुखमरी, सामाजिक असमानता, जाति वर्ग, भेदभाव पर केन्द्रित रहीं। सभागार में उपस्थित लोगों ने मंचासीन कवियों के चुटीले और व्यंग्य रस से ओतप्रोत कविताओं का भरपूर आनंद उठाया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता जनकवि डॉ. अतुल शर्मा व ओजपूर्ण संचालन नीरज नैथानी ने किया।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा, देवेन्द्र काण्डपाल, डॉ. प्रह्लाद सिंह रावत, प्रेम पंचोली, पुष्पलता ममगाईं, मदन सिंह बिष्ट, रंजना शर्मा, रेखा शर्मा, डॉ. लालता प्रसाद, सुन्दर सिंह बिष्ट, मेघा विल्सन, सोमेश्वर पांडे और प्रदीप डबराल समेत कई साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। प्रोग्राम एसोसिएट चंद्रशेखर तिवारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।



