पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, सोना न खरीदें: प्रधानमंत्री
नई दिल्ली: दुनिया में लगातार बढ़ते ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक बहुत ही बड़ी और अहम अपील की है। उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल जैसे पेट्रोलियम उत्पादों का बहुत ही सोच-समझकर और संयम के साथ इस्तेमाल करने को कहा है।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने सोने की खरीद को पर भी एक अपील की है। उन्होंने कहा है कि देशहित में लोगों को कम से कम एक साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने चाहिए, चाहे घर में कोई भी बड़ा फंक्शन या शादी ही क्यों न हो। पीएम मोदी ने साफ कहा है कि इस संकट की घड़ी में देश का पैसा यानी विदेशी मुद्रा बचाना ही हमारी असली देशभक्ति है।
पीएम मोदी ने पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल पर क्या बड़ी बात कही है?
पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बनाने वाला कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अगर देश के लोग बिना जरूरत के या जरूरत से बहुत ज्यादा पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल करेंगे, तो इसका सीधा और बहुत बुरा असर देश की पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। दुनिया इस वक्त एक बहुत ही भयंकर ऊर्जा संकट का सामना कर रही है और पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा है, उसने इस चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। इसीलिए पीएम मोदी ने हर नागरिक से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग बहुत ही ज्यादा सोच-समझकर करें। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसा करने से न केवल देश की विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक संकट का बुरा असर भी भारत पर बहुत कम पड़ेगा।
सोने की खरीद को लेकर क्या खास अपील की?
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सोने की खरीद पर भी बहुत ही गंभीरता से बात की। पीएम मोदी ने बताया कि भारत के लोग जो भारी मात्रा में सोना और सोने के आभूषण खरीदते हैं, उस पर देश की बहुत बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च हो जाती है। पीएम मोदी ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि पहले जब भी देश पर कोई युद्ध या राष्ट्रीय संकट आता था, तो लोग देशहित में अपना सोना तक सरकार को दान कर देते थे। उन्होंने कहा कि आज सरकार को आपके सोने के दान की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में लोगों को कम से कम एक साल तक सोना और सोने के नए गहने खरीदने से जरूर बचना चाहिए। उन्होंने जनता से सीधा आह्वान किया कि हमें यह तय करना होगा कि घर में कोई भी फंक्शन हो, कोई भी कार्यक्रम हो, हम एक साल तक सोने के आभूषण नहीं खरीदेंगे। देश की आर्थिक ताकत और उसके संसाधनों की रक्षा करना भी आज के समय में देशभक्ति का ही एक बहुत बड़ा हिस्सा है।
पीएम मोदी ने क्या करने और क्या न करने को कहा ?
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संकट से निकालने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कुछ बहुत ही साफ बातें कही हैं। उन्हें हम इन बिंदुओं के जरिए आसानी से समझ सकते हैं…
कोरोना काल के दौरान जो वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम की व्यवस्था शुरू हुई थी, उसे देशहित में फिर से शुरू करें और उसे प्राथमिकता दें।
यात्रा करने और पेट्रोल फूंकने के बजाय ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
खेती में सरकार द्वारा दी जा रही सस्ती खाद का इस्तेमाल करें। क्यों जो खाद पूरी दुनिया में 3000 रुपये की बिक रही है, वह भारत सरकार अपने किसानों को 300 रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध करा रही है।
घर में चाहे कोई भी शादी, फंक्शन या कार्यक्रम हो, एक साल तक सोने के नए गहने बिल्कुल न खरीदें।
पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी कीमती चीजों को बिल्कुल भी बर्बाद न करें और सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही इनका उपयोग करें।
खाने के तेल को भी इस्तेमाल कम करें। अगर हर परिवार अपने भोजन में खाने के तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम कर दे, तो इससे आयात में जाने वाली विदेशी मुद्रा भी बचेगी।
पेट्रोल-डीजल का विकल्प तैयार करने के लिए क्या कर रही सरकार?
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार अपनी तरफ से क्या काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के दूसरे विकल्पों पर बहुत ही तेजी से काम किया जा रहा है। पिछले कुछ ही वर्षों में भारत सौर ऊर्जा (सूरज की रोशनी से बनने वाली बिजली) के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े देशों की कतार में शामिल हो चुका है। इसके अलावा, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का काम बहुत ही तेजी से बढ़ाया गया है, ताकि कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो सके। सरकार पहले देश के हर घर तक एलपीजी गैस सिलेंडर पहुंचाने पर काम कर रही थी और अब पाइप के जरिए गैस को सस्ती दरों पर घरों तक उपलब्ध कराने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही, वाहनों के लिए सीएनजी पर आधारित व्यवस्था को भी बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है। इन्हीं सब प्रयासों की वजह से आज भारत दुनिया के इतने बड़े ऊर्जा संकट का बहुत ही मजबूती के साथ सामना कर पा रहा है।



