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पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, महंगाई की भी पड़ेगी मार

नई दिल्ली/ देहरादून: सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने मंगलवार को फिर पेट्रोल और डीजल के दाम 90-90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बढ़ोतरी पेट्रो पदार्थों के मूल्यों में वृद्धि की गई है। नए भाव तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं। इससे पहले 15 मई को भी दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।

दिल्ली में नए दाम

पेट्रोल: 98.64 रुपए प्रति लीटर (87 पैसे बढ़ा)

डीजल: 91.58 रुपए प्रति लीटर (91 पैसे बढ़ा)

अन्य शहरों के नए दाम

मुंबई: पेट्रोल 107.59 रुपए प्रति लीटर (91 पैसे बढ़ा), डीजल 94.08 रुपए प्रति लीटर (94 पैसे बढ़ा)

कोलकाता: पेट्रोल 109.70 रुपए प्रति लीटर (96 पैसे बढ़ा), डीजल 96.07 रुपए प्रति लीटर (94 पैसे बढ़ा)

चेन्नई: पेट्रोल 104.49 रुपए प्रति लीटर (82 पैसे बढ़ा), डीजल 96.11 रुपए प्रति लीटर (86 पैसे बढ़ा)

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

सरकार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसके कारण तेल कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि ध्यान देने वाली बात है कि कच्चे तेल के भाव मार्च की शुरुआत से ही ऊपर चल रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जा रहे थे। अब जब चुनाव संपन्न हो गए हैं और पांचों राज्यों में नई सरकारों का गठन हो गया है, तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाने की शुरुआत कर दी है।

महंगाई की पड़ेगी तगड़ी मार

बहरहाल, एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार दाम बढ़ने से आम लोगों, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों पर असर पड़ रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर सब्जी, फल, दूध और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। सरकार और तेल कंपनियां समय-समय पर पेट्रोल-डीजल के दामों की समीक्षा करती रहती हैं। अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैसी स्थितियां बन रही हैं, फिलहाल आम लोगों को महंगे डीजल और पेट्रेाल से कोई राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।

सरकार की नीतियों की होने लगी आलोचना

दिल्ली-मुंबई समेत कई शहरों में लोग इस बढ़ोतरी से नाराज हैं। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के भाव रिकॉर्ड निचले स्तर पर थे, तब तो पेट्रोल और डीजल के भाव कम नहीं किए गए थे।

 

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