मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव को दिया नोटिस
- निजी अस्पताल में मरीज की मौत के मामले में दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
देहरादून: नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने उत्तराखंड के देहरादून जिले के एक निजी अस्पताल में आग लगने के बाद मरीज की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 20 मई 2026 को देहरादून के एक निजी अस्पताल में भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आग लगने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और 14 मरीजों को तत्काल रेस्क्यू कर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें एक महिला मरीज की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसी को देखते हुए आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट होने के बाद विस्फोट हुआ, जिसके चलते आग तेजी से फैल गई। घटना के बाद अस्पतालों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले ने प्रदेश में निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों पर बहस तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



