मुशायरा/कवि सम्मेलन
-
जब रात-दिन खुला करती थी मुहब्बत की दुकान…मजहब से ऊपर थी दोस्ती
इंदौर: वो भी क्या वक़्त था कि लोग अपनी दोस्ती को धर्म से ऊपर रखते थे और अपने दोस्त के…
Read More » -
अदब की ‘ख़िदमत’ के नाम पर ‘मोटी कमाई’ का खेल
देहरादून: देश भर में युवा कवियों और शायरों को मंच देने के नाम पर कुछ समूहों ने ‘लूट’ मचा रखी…
Read More » -
…..जब उस्ताद शादां इंदौरी का शे’र सुनकर उठ बैठे थे फ़िराक़ गोरखपुरी
वह लोग जो सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी शाइरों को सुन-सुनकर उन्हें बड़ा शाइर मान बैठे हैं, उन्हें ये पता ही…
Read More » -
कवि सम्मेलन का बजट पचा गया संस्कृति विभाग
देहरादून: स्थानीय साहित्यकारों के सम्मान के लिए बड़ी-बड़ी बातें सरकार की ओर से कही जाती हैं, लेकिन इनसे जुड़े विभाग…
Read More » -
उर्दू के ख़िदमतगारों से कन्नी काटती मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी
इंदौर (मध्य प्रदेश): जो लोग सरकार पर उर्दू के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हैं, उससे मैं ज़रा…
Read More » -
गीत-ग़ज़लों से सराबोर रही वनाकामं की काव्य गोष्ठी
देहरादून : वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच उत्तराखंड इकाई की शनिवार को आनलाइन आयोजित अगस्त माह की काव्य गोष्ठी गीत-ग़ज़लों से…
Read More » -
छंद में ‘कंटेंट’ को तरसती कविता
कविता में छंद की उपस्थिति को लेकर हिमांशु त्रिपाठी ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक महत्वपूर्ण आलेख पोस्ट किया है।…
Read More » -
नाबीना बच्चों की आंखों में जलाए उम्मीदों के दीप
देहरादून: राष्ट्रीय कवि संगम देहरादून एवं राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त की…
Read More » -
मौसम पर कही दर्द गढ़वाली की ग़ज़ल
ग़ज़ल याद उनकी दिला गया मौसम। दिल को फिर से दुखा गया मौसम।। ख़्वाब फिर से सजा गया मौसम। दो…
Read More »
