पुस्तक समीक्षा
-
आम आदमी की पीड़ा को आवाज देती हैं राम-लखन शर्मा की ग़ज़लें
हिन्दी छन्दों का अच्छा प्रैक्टिकल ज्ञान रखने वाले कवि श्री राम लखन शर्मा जो कि ‘अंकित’ उपनाम से ग़ज़ल भी…
Read More » -
सिस्टम को आइना दिखाते गीत
पुलिस की व्यस्ततम नौकरी के बाद भी एक पुलिसकर्मी का गीत जैसी कोमल विधा को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाना यह…
Read More » -
दर्द गढ़वाली की शायरी में ज़िंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त
तमाम अख़बारात-ओ-रिसाइल हिंदुस्तान की सरजमीं पर छपा करते हैं। सोचिए अख़बार के लिए काम करने वाला कोई शख़्स शायर हो…
Read More » -
दर्द गढ़वाली की ग़ज़लों में समाज की सच्चाई
ग़ज़ल उर्दू साहित्य की एक ऐसी सम्पन्न विधा है, जो निरन्तर लोकप्रियता के पायदान पर चढ़ती चली जा रही है।…
Read More » -
दर्द गढ़वाली की ज़रूरी इल्तिज़ा: इश्क़-मुहब्बत जारी रक्खो!
इश्क़-मुहब्बत जारी रक्खो! दर्द गढ़वाली की ये निहायत जरूरी सी इल्तिजा किताब की शक्ल में आपके हाथों में है। उनकी…
Read More » -
मापदंडों पर खरे उतरते हैं राजेश शर्मा के नवगीत
देशभर में चर्चित नवगीतकार भाई राजेश शर्मा जी के निवास पर अपने प्रिय मित्र ग्वलियर के ही ग़ज़लकार श्री दिनेश…
Read More » -
ग़ज़ल के बाद अब सजल का दौर
पुस्तक के आवरण पर ‘ ग़ज़ल संग्रह’ की जगह ‘सजल संग्रह ‘ लिखे जाने पर बरबस एक उत्कंठा उत्पन्न होती…
Read More » -
शब्दों का चित्र नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है कविता
कविता शब्दों का चित्र ही नहीं, बल्कि जीवन दर्शन भी है। माना जाता है कि लगभग 2000 ईसा पूर्व में,…
Read More » -
हिंदी ग़ज़ल के सशक्त हस्ताक्षर हैं अशोक रावत
अभी हाल ही में साहित्य निकेतन बिजनौर ने हिंदी भाषा के सशक्त हस्ताक्षर और वरिष्ठ साहित्यकार अशोक रावत जी की…
Read More » -
झुग्गी-झोपड़ी की आवाज़ हैं अरुण साहिबाबादी की ग़ज़लें
यदि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले ग़रीबों के दर्द को जानना हो और उनके भूख के भूगोल को नापना हो तो…
Read More »