साहित्य
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दुष्यंत और अदम से कम नहीं रवि खंडेलवाल की शायरी
मौजूदा दौर में ग़ज़ल काव्य की सबसे सशक्त विधा के रूप में उभरी है। बड़ी संख्या में युवा इस विधा…
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‘हर शह्र में दिखता है अपाहिज कानून’
राम अवध विश्वकर्मा की हिन्दी और उर्दू दो भाषाओं में रचित किताब ‘जदीद रुबाईयात’ जैसे जदीद और…
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जब राहत इंदौरी ने राष्ट्रपति से कहा- यार शे’र सुन
मरहूम शायर राहत इंदौरी दिल से भी ख़ुशमिज़ाज़ थे। उनके कई किस्से दोस्तों में मशहूर हैं, जो आमजन में भी…
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बद्रीनाथ धाम में 15 सितंबर को जुटेंगे देशभर के साहित्यकार
देहरादून/श्रीनगर: हिमालयन साहित्य एवं कला परिषद् श्रीनगर गढ़वाल द्वारा आगामी हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर 15 सितम्बर से त्रिदिवसीय हिंदी…
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जब रात-दिन खुला करती थी मुहब्बत की दुकान…मजहब से ऊपर थी दोस्ती
इंदौर: वो भी क्या वक़्त था कि लोग अपनी दोस्ती को धर्म से ऊपर रखते थे और अपने दोस्त के…
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छुमछुम बाबा…सागर साहब…सलमा और वो
किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी उस्ताद शायर सागर साहब की कहानी। एक लड़की से उन्हें प्रेम…
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शकील बदायूंनी भी थे साग़र साहब के दीवाने
सुबह के समय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का होस्टल में एक लड़का बालकनी में खड़ा है और हास्टल के नीचे फैले…
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अतुल के बहाने फिर सुलगे उत्तराखंड के मुद्दे
देहरादून: जनकवि डॉ. अतुल शर्मा की लेखन यात्रा पर मंगलवार को दून लाईब्रेरी में सार्थक संवाद हुआ। विषय था ‘विधाएं…
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अदब की ‘ख़िदमत’ के नाम पर ‘मोटी कमाई’ का खेल
देहरादून: देश भर में युवा कवियों और शायरों को मंच देने के नाम पर कुछ समूहों ने ‘लूट’ मचा रखी…
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