साहित्य
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गहरे चिंतन की गवाह हैं मधु मधुमन की ग़ज़लें
चिंतन संवेदना से ऊपर की अवस्था है। संवेदनाओं की अनुभूति एक प्रक्रिया है जबकि चिंतन उस अनुभूति के…
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कवि सम्मेलन के मंच पर शायरी क्यों हो रही हावी
सुप्रसिद्ध गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र जी ने 24 मार्च को फेसबुक पर एक पोस्ट डाली, जिसमें कवि सम्मेलन के…
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डॉ. रमाकांत शर्मा की अद्भुत पुस्तक फेसबुक पर काव्य संवाद
रचनात्मक व्यक्ति हर समय , हर जगह रचनात्मक होता है और उपलब्ध स्थिति व घटना को अपने रचनाकर्म में प्रयुक्त…
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समाज की दशा और दिशा बदलने में साहित्यकार की भूमिका अहम
देहरादून: समाज की दशा और दिशा बदलने में साहित्यकार की अहम भूमिका है। विभिन्न वक्ताओं ने शहर के सुपरिचित गीतकार…
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दून लाइब्रेरी में सजेगी गीत-संगीत की महफ़िल
देहरादून: दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आठ मई से लघु ग्रीष्म कला उत्सव-1 का आयोजन किया जा…
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लाइब्रेरी से बढ़ी पढ़ने में दिलचस्पी
मैंने लिखने की शुरुआत तो कर दी थी, लेकिन अभी लेखन में परिपक्वता आना शेष था। इसके लिए…
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आम आदमी की पीड़ा को आवाज देती हैं राम-लखन शर्मा की ग़ज़लें
हिन्दी छन्दों का अच्छा प्रैक्टिकल ज्ञान रखने वाले कवि श्री राम लखन शर्मा जो कि ‘अंकित’ उपनाम से ग़ज़ल भी…
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सिस्टम को आइना दिखाते गीत
पुलिस की व्यस्ततम नौकरी के बाद भी एक पुलिसकर्मी का गीत जैसी कोमल विधा को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाना यह…
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दर्द गढ़वाली की शायरी में ज़िंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त
तमाम अख़बारात-ओ-रिसाइल हिंदुस्तान की सरजमीं पर छपा करते हैं। सोचिए अख़बार के लिए काम करने वाला कोई शख़्स शायर हो…
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