एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार
आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती
देहरादून: आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रबनी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया।
प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया। इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई।
चंद्रबनी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।
एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



