मोदी इस हफ्ते कर सकते हैं उत्तराखंड का दौरा
- आपदाग्रस्त क्षेत्रों का करेंगे निरीक्षण, आर्थिक मदद की कर सकते हैं घोषणा

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी हफ्ते उत्तराखंड के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। राज्य में में इस बार बारिश और आपदा के कारण राज्य को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। जिसे देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से 5702 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की मांग की है, जिसके लिए गृह मंत्रालय को मेमोरेंडम भी सौंपा गया है, जिसमें प्रदेश के आर्थिक नुकसान की पूरी रिपोर्ट है। अब केंद्र सरकार की टीम नुकसान का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड पहुंच गई है। यह टीम पीएमओ के साथ ही केंद्रीय कार्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद केंद्र उत्तराखंड के लिए बजट जारी करेगा। इस बीच बताया जा रहा है कि
राज्य के तमाम आपदाग्रस्त क्षेत्र में निरीक्षण के लिए केंद्रीय टीम उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, नैनीताल और चमोली का दौरा करेगी। इस टीम में संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय मौजूद हैं। टीम का नेतृत्व भी वही कर रहे हैं। आर प्रसन्ना के अलावा टीम में अनुसूचित शेर बहादुर और अभियंता सुधीर कुमार के साथ-साथ उपनिदेशक विकास मुख्य अभियंता पंकज सिंह और निदेशक वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। यह सभी अधिकारी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में ग्राउंड पर जाकर हालातों का जायजा लेंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन भी इन अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं।
टीम की एक बैठक उत्तराखंड का दौरा करने के बाद देहरादून में होगी, जिसमें उत्तराखंड के तमाम विभागों के सचिव केंद्रीय टीम के साथ बैठकर पूरी जानकारी देंगे। केंद्रीय टीम दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार को पूरे उत्तराखंड के हालातो का इनपुट देगी।
उधर, बीजेपी प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 11 सितंबर को उत्तराखंड के उत्तरकाशी सहित कुछ और अन्य इलाकों का दौरा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री का जौरा पहाड़ में हुई तबाही के बाद वहां के हालातों का जायजा लेने से जुड़ा है। हालांकि, अभी शासन स्तर पर इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं की गई है।
आपदा में नुकसान का आंकड़ा:
– लोक निर्माण विभाग और सार्वजनिक सड़कों को 1163.84 करोड़
– सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों को लगभग 266.65 करोड़
– ऊर्जा विभाग को 123.17 करोड़
– स्वास्थ्य विभाग की परिसम्पत्तियों को 4.57 करोड़
– विद्यालयी शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 68.28 करोड़
– उच्च शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 9.04 करोड़
– मत्स्य विभाग को 2.55 करोड़
– ग्राम्य विकास विभाग को 65.50 करोड़
– शहरी विकास को 04 करोड़
– पशुपालन विभाग को 23.06 करोड़
– अन्य विभागीय परिसम्पत्तियों को 213.46 करोड़ का नुकसान



