यूटीईटी परीक्षा में ‘मुन्नाभाई’ पकड़ा, मचा हड़कंप
कोटद्वार का है मामला, दूसरे अभ्यर्थी की जगह पेपर दे रहा युवक हिरासत में, बेरोजगार संघ ने पकड़ा मामला
कोटद्वार/पौड़ी : उत्तराखंड में मंगलवार को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी परीक्षा) के दौरान कोटद्वार के एक परीक्षा केंद्र से बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। उत्तराखंड बेरोजगार संघ की सतर्कता और शिकायत के बाद पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच की और किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह कथित रूप से परीक्षा दे रहे एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया है। संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में पहुंची टीम ने फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए मामले में नए सख्त नकल विरोधी कानून के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है।

एक्सीडेंट के बहाने ‘डमी कैंडिडेट’ बैठाने की साजिश: संघ को सूचना मिली थी कि काशीपुर निवासी मूल अभ्यर्थी विशाल कुमार का दो दिन पहले एक्सीडेंट हुआ था और उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। इसी का फायदा उठाकर उसकी जगह किसी अन्य युवक (मुन्नाभाई) को परीक्षा केंद्र में बैठाया गया था।
बेरोजगार संघ की रेड और फोटो मिलान: राम कंडवाल की टीम ने कोटद्वार परीक्षा केंद्र पहुंचकर स्कूल प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन के सामने एडमिट कार्ड तथा बायोमेट्रिक/फोटो सत्यापन की मांग रखी।
संदेह होने पर पुलिस ने लिया हिरासत में: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जब परीक्षा दे रहे युवक से पूछताछ की और एडमिट कार्ड की फोटो से मिलान किया, तो भारी विषमता पाई गई। जिसके बाद संदिग्ध को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
कड़े ‘नकल विरोधी कानून’ के तहत कार्रवाई की मांग: बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि मेहनती और ईमानदार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे गिरोह पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस-प्रशासन की जांच जारी
कोटद्वार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हिरासत में लिए गए युवक से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं कि वह कहां का रहने वाला है और इस मुन्नाभाई नेटवर्क के पीछे कौन-कौन शामिल है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं और सख्त नकल रोधी कानून के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



