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सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण : मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री धामी ने बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में किया प्रतिभाग, 149 मेधावी बालिकाओं को दिए स्मार्टफोन

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित आईआरटीडी प्रेक्षागार में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी मेधावी बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिवस एक साथ होना विशेष संयोग है। भारतीय संस्कृति में सदियों से कन्याओं को शक्ति का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें। बेटियां केवल परिवार की खुशियां ही नहीं, बल्कि समाज की शक्ति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और लखपति दीदी जैसी पहलों से महिलाओं एवं बेटियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक प्रत्येक स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के माध्यम से माताओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी बेटी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना और गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। निःशुल्क साइकिल योजना तथा महिला छात्रावासों के निर्माण जैसी पहलों से भी बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक का विशेष महत्व है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें तकनीक से जोड़कर ज्ञान और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल विकास, नवाचार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आलम्बन आर्ट, आलम्बन गांव और आलम्बन कैफे जैसी पहलों से जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही नव्या 2.0 के माध्यम से हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर की किशोरियों एवं युवतियों को कौशल विकास तथा उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बाल विवाह और अन्य सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अनाथ बच्चों के लिए राजकीय सेवाओं में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा पॉक्सो पीड़ित बच्चों को कानूनी सहायता एवं मानसिक देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जनपद में सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था की गई है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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