रुद्रपुर कवि सम्मेलन में बही काव्य सरिता, भव्यता ‘प्रभा’ के काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण
उत्तराखंड भाषा संस्थान एवं बुलंदी साहित्य सेवा समिति के तत्वावधान में हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी और कवि सम्मेलन, कविता बिष्ट और दर्द गढ़वाली की रचनाओं ने लूटी महफिल, देहरादून की कवयित्री भव्यता ‘प्रभा’ की पुस्तक “जीवंत है हम” का हुआ लोकार्पण

रुद्रपुर/देहरादून: उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून एवं ‘बुलंदी’ साहित्यिक सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रुद्रपुर नगर निगम सभागार में हिंदी भाषा महोत्सव एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी में जहां हिंदी के वैश्विक प्रसार पर चर्चा की गई, वहीं भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें नेपाल समेत देश के आठ राज्यों के कवियों ने हिस्सा लिया। कवियों को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर देहरादून की कवयित्री भव्यता ‘प्रभा’ की पुस्तक “जीवंत है हम” का लोकार्पण संपन्न हुआ। इस उपलब्धि पर साहित्यकारों ने उन्हें भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ दी।

इस मौके पर देहरादून से कविता बिष्ट और दर्द गढ़वाली ने भी काव्य पाठ किया। कविता बिष्ट ‘नेह’ की ग़ज़ल “दो घड़ी हम साथ बैठे मुस्कुराने के लिए” को रुद्रपुर के साहित्यप्रेमी श्रोताओं ने भरपूर दाद दी।

दर्द गढ़वाली के चार मिस्रों ‘शेर कहने की जसारत कर रहा हूं, शायरी की मैं तिलावत कर रहा हूं। है विरासत में मिली मुझको मुहब्बत, हो मुहब्बत ही मुहब्बत कर रहा हूं।’ को भी ख़ूब पसंद किया गया। कार्यक्रम के संयोजक बादल राजपुरी ने प्रभावी संचालन किया। नेपाल से आए कवि प्रजापति नेगी ने भी अपनी रचना से वाहवाही लूटी। चमोली से आई कवयित्री संगीता बहुगुणा की कविता भी पसंद की गई।
कार्यक्रम में उत्तराखंड भाषा संस्थान की उप निदेशक जसविंदर कौर भी मौजूद थीं।



