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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की ‘मौत’ से सनसनी 

नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान की सेहत और उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 साल के इमरान खान के निधन के दावे वाली असत्यापित खबरों और सोशल मीडिया अफवाहों ने पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

पत्रकार ने क्या किया दावा?

अफवाहों को हवा तब मिली जब अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक बहुत बड़ा दावा किया।

उन्होंने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में तैनात तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के हवाले से कहा कि उन्हें आशंका है कि “इमरान खान अब हमारे बीच नहीं रहे।”

वजाहत ने कहा, “उनके सूत्रों, जो पाकिस्तानी सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारी हैं, ने कहा है कि उन्हें आशंका है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में मर चुके हैं और इसलिए पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर उन्हें पूरे देश से छिपा रहे हैं।”

हालांकि, पत्रकार ने खुद स्वीकार किया कि यह असत्यापित जानकारी है और किसी अधिकारी ने इसे अपनी आंखों से नहीं देखा है, बल्कि सुनी-सुनाई बातों के आधार पर आशंका जताई है।

पीटीआई का आरोप और परिवार को मुलाकात की मनाही

पीटीआई नेताओं और इमरान खान की बहनों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें जेल में पूर्व पीएम से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि इमरान खान का स्वतंत्र डॉक्टरों से चेकअप कराया जाए। परिवार और वकीलों को उनसे तुरंत मिलने की अनुमति दी जाए।

इससे पहले नवंबर 2025 में भी इमरान खान की जेल में मौत की अफवाहें उड़ी थीं। हालांकि, 2 दिसंबर 2025 को उनकी बहन उजमा खानम ने अदियाला जेल में उनसे मुलाकात की थी और पुष्टि की थी कि वे शारीरिक रूप से ठीक हैं, लेकिन उन्हें एकांत कारावास में रखा जा रहा है।

‘इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च’ और 20 लाख लोगों का दावा

इमरान खान की सेहत को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच पीटीआई ने शाहबाज शरीफ सरकार और सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल असीम मुनीर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पीटीआई नेता सोहेल अफरीदी ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान का युवा आक्रोशित है और 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।

पीटीआई ने 27 सितंबर 2026 को इस्लामाबाद की ओर एक बड़े ‘लॉन्ग मार्च’ का ऐलान किया है।

अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी: विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र

पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिकी कांग्रेस के 13 द्विदलीय सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस्लामाबाद के साथ इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की जेल स्थितियों का मुद्दा उठाएं।

पत्र में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की उन चेतावनियों का जिक्र किया गया है, जिनमें इमरान के लंबे एकांत कारावास और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर ध्यान दिलाया गया था।

 

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