उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों से एमबीबीएस सीट हासिल करने वाले 15 अभ्यर्थियों के प्रवेश निरस्त
पिछले साल भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों से प्रवेश दिलाने के मामले में दो और आरोपी पकड़े, मामले के खुलासे के लिए देहरादून एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था, जो लगातार कार्रवाई कर रही है।
देहरादून: उत्तराखंड में नीट यूजी 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के मामले में देहरादून पुलिस की एसआईटी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय कुमार और गिरीश सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही एसआईटी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच उत्तराखंड में नीट यूजी 2026 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न मेडिकल कॉलेज में सीट पाने वाले 15 अभ्यर्थियों के प्रवेश निरस्त कर दिए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक 13 सितंबर को देहरादून जिले के थाना रायपुर और क्लेमेंटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए गए थे।
जांच में कई पते गलत पाए गए: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए और अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पतों का सत्यापन किया। जांच में कई पते गलत पाए गए। संबंधित शिक्षण संस्थानों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अभ्यर्थियों के वास्तविक पतों की जानकारी जुटाई गई। विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने संजय कुमार और गिरीश सिंह को पूछताछ के लिए थाना रायपुर लाया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप: एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि संजय कुमार और गिरीश सिंह एक-दूसरे के पुराने परिचित हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने तीन अभ्यर्थियों स्वाति, परी और खुशी के फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, डोमिसाइल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार करवाने में सहयोग किया। साथ ही इन दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के एवज में दोनों ने अनुचित धनराशि प्राप्त की। इस मामले में पहले रुपेश पंडित, अरविंद कुमार और धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।



