विमान में लड़ पड़े पायलट, मौत के डर से कांपे यात्री
कॉकपिट में चाकू से हमला, 14 हजार फीट नीचे आया विमान; घायल भारतीय कैप्टन ने दिखाई हिम्मत, 174 यात्रियों की बची जान, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईट, दुबई की उड़ान में मचा हड़कंप, यात्रियों और क्रू की मदद से हमलावर काबू; सऊदी अरब के तबूक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
नई दिल्ली: आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा विमान अचानक मौत के मुहाने पर पहुंच गया। कॉकपिट में दो पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई और इसी दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया गया। विमान तेजी से नीचे आने लगा। लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू किया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में करीब 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया। इसके बाद विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
खून से लथपथ होने के बावजूद नहीं छोड़ी हिम्मत :
रिपोर्टों के मुताबिक हमले में घायल कैप्टन मच्छार कॉकपिट में खून से लथपथ हालत में थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद दो अन्य फ्लाईदुबई पायलटों ने इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबूक की ओर मोड़ा और वहां उसकी आपात लैंडिंग कराई गई।
भारतीय कैप्टन की बहादुरी की दुनिया में चर्चा :
इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की सराहना की और कहा कि उनके साहस और कार्रवाई से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
पूर्व में स्पाइसजेट में भी कर चुके हैं काम :
भारतीय नागरिक स्मित मच्छार ने जून 2022 में फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर काम शुरू किया था। इससे पहले वह करीब 11 वर्षों तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे। उपलब्ध प्रोफाइल संबंधी रिपोर्टों के अनुसार उनके पास बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का व्यापक अनुभव है।
जांच जारी, हमले की वजह अभी साफ नहीं :
घटना के बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया। कैप्टन मच्छार की चोटें जानलेवा नहीं बताई गई हैं। वहीं घटना के पीछे की वजह और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच जारी है। फ्लाईदुबई ने कॉकपिट में हुई घटना की पुष्टि की है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।
आसमान में पैदा हुए इस असाधारण संकट के बीच घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार का संयम और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की उनकी भूमिका इस घटना का अहम हिस्सा रही। एक भारतीय पायलट की सूझबूझ और साहस ने 174 यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



