चांद के दीदार को तरसी सुहागिनें, भोलेनाथ की तस्वीर पर बने चांद को अर्घ्य देकर खोला व्रत
देहरादून: पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए सुहागिनों ने गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखा। हालांकि दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद देहरादून समेत कई शहरों में महिलाएं रात में चांद के दीदार को तरस गई। उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों के अंतर की बात कही गई, लेकिन ज्यादातर जगह बारिश के कारण चांद नजर नहीं आया। इस पर सुहागिनों ने भगवान शिव की तस्वीर पर लगे चांद को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोला।

करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए चंद्रोदय का समय महत्वपूर्ण होता है। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं रात में चंद्रमा के दर्शन कर पूजा करती हैं और इसके बाद व्रत खोलती हैं। देहरादून में रात 8 बजकर 2 मिनट पर चंद्रोदय का समय दिया गया था। हालांकि देर रात तक चांद नहीं निकला। वहीं, हरिद्वार में चांद रात 8 बजकर 3 मिनट पर दिखाई देने का अनुमान बताया गया। रुड़की में रात 8 बजकर 2 मिनट, जबकि ऋषिकेश में भी रात 8 बजकर 2 मिनट पर चंद्रोदय का समय निर्धारित किया गया।
नैनीताल में अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में चांद थोड़ा पहले दिखाई देने का अनुमान है। यहां चंद्रोदय का समय रात 7 बजकर 59 मिनट दिया गया है। टिहरी में रात 8 बजे चांद निकलने का समय है। वहीं, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में रात 7 बजकर 57 मिनट पर चंद्रोदय होगा।



