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दुखों का पहाड़: बेटे के ग़म में जसपाल राणा की मां ने भी तोड़ा दम 

नई दिल्ली/देहरादून: निशानेबाज जसपाल राणा परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसने खेल जगत और उत्तराखंड को गहरे शोक में डुबो दिया है। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज कोच और पद्मश्री सम्मानित शूटर जसपाल राणा के आकस्मिक निधन के महज कुछ दिनों बाद उनकी माता श्यामा देवी राणा का भी सोमवार को 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, 12 जून 2026 को मात्र 49 वर्ष की आयु में जसपाल राणा के अचानक निधन से श्यामा देवी गहरे सदमे में थीं। बेटे की असमय मृत्यु का दर्द वे सहन नहीं कर सकीं और लगातार बिगड़ती तबीयत के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के बड़े नामों में शामिल थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया और बाद में कोच के रूप में कई खिलाड़ियों को तराशा। मनु भाकर जैसी स्टार निशानेबाज की सफलता के पीछे भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उनके पिता नारायण सिंह राणा पूर्व खेल मंत्री रह चुके हैं। परिवार पर आई इस दोहरी त्रासदी ने खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों को भी स्तब्ध कर दिया है।

श्यामा देवी राणा को जसपाल राणा की सफलता के पीछे एक मजबूत प्रेरणा स्रोत माना जाता था। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है। पारिवारिक परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एक ही परिवार में कुछ दिनों के भीतर मां-बेटे के निधन ने सभी को भावुक कर दिया है। लोग यही कह रहे हैं— शायद मां बेटे के बिछड़ने का दर्द सहन नहीं कर पाई।

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