पुस्तक समीक्षा
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दर्द गढ़वाली की शायरी में जिंदगी के कई रंग
ग़ज़ल जैसी सिन्फ़ के नाज़ उठाना आसान काम नहीं है। मगर इस नाज़नी की कलाई पकड़ लेने वाले दर्द गढ़वाली…
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घर के अंदर सन्नाटों का शोर सताता रहता है
लफ़्ज़ों में मफ़हूम को लपेटे शेर वसीम नादिर साहब को बेहद पसंद हैं। आसान लफ़्ज़ों में गहरी बात कह देने…
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व्याकरण बंधन नहीं अनुशासन है
साहित्य की हर विधा की भाँति ग़ज़ल लेखन के भी अपने तौर-तरीके हैं। ग़ज़ल की बनावट और बुनावट के लिए…
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संवेदनाओं के दलदल में अनसुलझे रिश्ते
कथाकार अमरीक सिंह दीप द्वारा पंजाबी से हिंदी में अनुदित व 6.45 pm की युवा लेखिका raymon के कहानी संग्रह…
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भाई को अब भाई से डर लगता है
ज़िन्दगी के चौराहे से पुकारती महावीर सिंह ‘ दिवाकर ‘ की ग़ज़लें महावीर सिंह ‘दिवाकर’ हिंदी और उर्दू दोनों भावभूमि…
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हमारे अपने थे पगड़ी उछालने वाले
उर्दू अदब में डॉ नलिनी विभा ‘नाज़ली’ साहिबा किसी तअर्रुफ़ की मोहताज नहीं हैं वो अदब के हवाले से एक…
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महब्बत भी इबादत हो रही है
♦मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर से ताल्लुक रखने वाली शाइरा अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू ‘ का शे’री मजमुआ ‘ और तुम…
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‘शहद से भी मीठा तुम्हारा नमक’
तेवरी और व्यंग्यात्मक ग़जलों पर काम कर रहे गिने-चुने ग़ज़लकारों में से एक हैं ग्वालियर के रामअवध विश्वकर्मा। उनका हाल…
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‘है तबाही का हर तरफ आलम, हाथ किससे मिला गया मौसम’
प्रस्तुत संकलन में एक हज़ार से अधिक हिंदी ग़ज़ल के शेर संकलित हैं, जिसके संकलनकर्ता हैं हिंदी के सुपरिचित ग़ज़लकार,…
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नये ग़ज़लकारों के लिए जरूरी किताब
कुछ दिनों पहले मैंने ग़ज़ल के व्याकरण या अरूज़ से संबंधित, डाॅ कृष्ण कुमार बेदिल साहेब, (मेरठ) और श्री कुँवर…
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