साहित्य
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आइना देखना दिखाना है। शर्त ये कैसी है ज़माने की।।
ग़ज़ल शर्त रक्खी है मुस्कुराने की। बात करते हैं दिल दुखाने की।। आइना देखना दिखाना है। शर्त ये…
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हम बयाबां में हैं और घर में बहार आई है
आज ‘मिर्ज़ा ग़ालिब’ का 227वां जन्मदिन है। उन्हें उर्दू-फ़ारसी का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है। इस महान शायर का…
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नाज़ उसके रहे उठाने में
ग़ज़ल नाज़ उसके रहे उठाने में।। उम्र गुज़री उसे मनाने में।। चांद चहरे ख़ुदा बनाता है। ये नहीं ढ़लते कारखाने…
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ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वाले शायर थे अदम गोंडवी
22 अक्टूबर, 1947 को गोंडा के गांव आटा परसपुर में जन्मे रामनाथ सिंह अदबी जगत में अदम गोंडवी के नाम…
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ईश्वरी प्रसाद उनियाल को गोविंद चातक पुरस्कार से किया सम्मानित
श्रीनगर गढ़वाल: वरिष्ठ पत्रकार एवं रंत रैबार के संपादक ईश्वरी प्रसाद उनियाल को कीर्तिनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में गढ़वाली…
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मुहब्बत में ख़सारा कर रहे हैं
ग़ज़ल मुहब्बत में ख़सारा कर रहे हैं। ख़ुशी में कुछ इज़ाफ़ा कर रहे हैं।। तेरे नखरे तकाजा कर रहे हैं।…
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कब मिलेगा गीतकार शैलेन्द्र को सम्मान
मुंबई: जीवन के हर रंग पर गीत लिखने वाले शैलेन्द्र आज ही के दिन इस दुनिया से रुखसत हो गए…
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शबे-ग़म से डराए जा रहे थे
ग़ज़ल शबे-गम से डराए जा रहे थे। हमें वो आजमाए जा रहे थे।। उधर भी वो निभाए जा रहे थे।…
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गढ़वाली-कुमाऊंनी भाषा को संविधान की अनुसूची में शामिल कराया जाएगा: उनियाल
शब्द क्रांति लाइव ब्यूरो, ग्राम पाली (पौड़ी गढ़वाल): प्रदेश के भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि गढ़वाली-कुमाऊंनी भाषा को…
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