भूमि की बंदरबांट को लेकर कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर बोला हमला
देहरादून/ऋषिकेश/विकासनगर/मसूरी: बीजेपी सरकार के घेरने के लिए कांग्रेस ने इन दिनों भूमि बचाओ, धामी हटाओ अभियान शुरू कर रखा है. बुधवार चार नवंबर को देहरादून जिले के डाकपत्थर में जहां कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोला तो वहीं ऋषिकेश में हरक सिंह रावत ने सरकार को जमकर घेरा।

प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत दोनों ने धामी सरकार पर उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी जमीनों को निजी हाथों और होटल व्यवसाय को सौंपने का गंभीर आरोप लगाया गया। हरक सिंह रावत ने ऋषिकेश में आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि के कथित बंदरबांट, बापूग्राम क्षेत्र के लोगों को बेदखली के नाम पर परेशान किए जाने और बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग भी उठाई। इसको लेकर उन्होंने हरिद्वार रोड पर आईडीपीएल मुख्य द्वार पर सरकार के खिलाफ धरना भी दिया।
इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि और बापूग्राम में वर्षों से रह रहे परिवारों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला हजारों परिवारों के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा है।
ऋषिकेश महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि आईडीपीएल और बापूग्राम का मुद्दा हजारों परिवारों के सम्मान और भविष्य से जुड़ा है। कांग्रेस क्षेत्र की जनता के साथ खड़ी है और जब तक उनकी मांगों पर न्यायोचित निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आईडीपीएल की भूमि और बापूग्राम के निवासियों से जुड़े मामले में सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। प्रदेश सचिव एडवोकेट राकेश सिंह मियां ने कहा कि सरकार को इस मामले में कानूनी और मानवीय दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए. वर्षों से रह रहे परिवारों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि ऋषिकेश की ऐतिहासिक धरोहर और हजारों लोगों के भविष्य से जुड़ी है। इस भूमि को लेकर किसी भी तरह की बंदरबांट या जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बापूग्राम में वर्षों से रह रहे परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई से घर बनाए हैं और अपनी पूरी पूंजी यहां लगा दी है। इसके बावजूद आज उन्हें बेदखली का भय दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन सरकार अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई है। सरकार को तत्काल स्पष्ट नीति बनाकर बापूग्राम के निवासियों को उनका अधिकार और सुरक्षा देनी चाहिए। हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि जनता को न्याय मिलने तक सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
भाजपा कार्यकर्ता काले झंडे लेकर पहुंचे, कांग्रेसियों ने छीने और फेंके: कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा से जुड़े कुछ कार्यकर्ता काले झंडे लेकर विरोध जताने पहुंचे. इस दौरान मौके पर दोनों पक्षों के बीच तनातनी देखने को मिली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथों से काले झंडे छीनकर फेंक दिए और जमकर नारेबाजी की। कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झंडे छीनने को लेकर जद्दोजहद चलती रही। मौके पर मौजूद पुलिस स्थिति संभालने का प्रयास करती नजर आई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि, बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की मांग को लेकर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
मसूरी में गणेश गोदियाल बरसे: मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट के पास कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया। गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश की बेशकीमती सरकारी जमीनों को अपने चहेते लोगों को कौड़ियों के भाव लीज पर दे रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 80 हजार करोड़ रुपये की जमीन निजी लोगों को लीज पर दी गई है। मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां 146 एकड़ महत्वपूर्ण भूमि को बाबा रामदेव के करीबी बताए जाने वाले बालकृष्ण के नाम पर सालाना एक करोड़ रुपये की लीज पर दी गई है।
गोदियाल ने सवाल उठाया कि जिस भूमि के विकास पर सरकार पहले ही करीब 23 से 25 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, उसे इतनी कम राशि में लीज पर देने का औचित्य क्या है? उन्होंने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के सामने सरकार की नीतियों की सच्चाई रखेगी।



