उत्तराखंड राज्य शहीदों की कुर्बानी से उपजी तपस्या है: प्रोफेसर प्रीति कुमारी

ज्योतिर्मठ: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती समारोह के पावन अवसर पर छात्र छात्राओं के मध्य अनेक अकादमिक और सांस्कृतिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। रजत जयंती के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में समूह नृत्य, वाद विवाद प्रतियोगिता, स्वरचित काव्यपाठ प्रतियोगिता, एकल नृत्य, स्कैच प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता प्रमुख हैं।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने कहा कि आज के उत्तराखंडी युवाओं को याद रखना चाहिए कि यह राज्य दर्जनों शहीदों की कुर्बानी के उपरांत हमें मिला है और राज्य के प्रत्येक नागरिक को इसके निर्माण के मूल में समाहित आदर्शों की सिद्धि के लिए परिश्रम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक, सजग और जागरूक नागरिक ही उत्तराखंड को विकास के नए फ़लक पर ले जाएंगे। इस अवसर पर आयोजित एकल नृत्य प्रतियोगिता में बी. ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा मनीषा ने प्रथम, बी. ए. पंचम सेमेस्टर की ही करिश्मा में द्वितीय और बी. ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा ख़ुशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता बी. ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि स्वरचित काव्यपाठ में बी. ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा स्नेहा ने अब्बल स्थान प्राप्त किया। वाद विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में बी. ए. प्रथम की छात्रा प्रभा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि प्रतिपक्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया एम.ए. तृतीय सेमेस्टर के छात्र सौरभ सती ने । डॉ. गोपालकृष्ण सेमवाल, डॉ. धींरेंद्र सिंह, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. किशोरी लाल, डॉ. मोनिका सती , रचना आदि प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई ।प्राचार्य ने कहा कि रजत जयंती का मुख्य समारोह महाविद्यालय के एडुसैट सभागार में 9 नवंबर को आयोजित किया जाएगा जिसमें स्थानीय स्तर पर गणमान्य व्यक्तियों को निमंत्रण भेजा गया है।



