कवियों ने गीत-ग़ज़लों से बांधा समां
'जीवंती' देवभूमि साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था तथा राष्ट्रीय कवि संगम (गढ़वाल इकाई) के संयुक्त तत्वावधान में काव्य संध्या आयोजित

देहरादून: जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था तथा राष्ट्रीय कवि संगम (गढ़वाल इकाई) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को एक भव्य एवं भावपूर्ण काव्य संध्या का आयोजन ओएनजीसी के पास कृष्णा गेस्ट हाऊस में किया गया, जिसमें कवियों ने गीत-ग़ज़लों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ ने अपनी मधुर वाणी में माँ शारदा की वंदना से प्रस्तुत कर वातावरण को श्रद्धा और सौंदर्य से भर दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था की संयोजक मणि अग्रवाल ‘मणिका’ जी ने अत्यंत विधिवत एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया।
इस अवसर की मुख्य अतिथि विजया बिष्ट जी रहीं। आपकी संवेदनशील दृष्टि, सक्रिय सामाजिक भूमिका और साहित्यिक अभिरुचि से आप समूचे उत्तराखंड में एक सम्मानित पहचान हैं। मंचासीन अतिथियों में गोष्ठी अध्यक्ष जी.के. पिपिल, अनिल अग्रवाल (अध्यक्ष, राष्ट्रीय कवि संगम गढ़वाल इकाई), डॉ. इंदु अग्रवाल,
डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ (संरक्षिका, जीवन्ती परिवार), जसवीर सिंह ‘हलधर’, शिव मोहन सिंह तथा श्री विजय कुमार द्रोणी जी (संगठन मंत्री) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
काव्य संध्या में मशहूर शायर जनाब अंबर खरबंदा, विवेक बादल ‘बाजपुरी’, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, कुमार विजय द्रोणी, शिव मोहन सिंह, जी.के. पिपिल, जसवीर सिंह ‘हलधर’, कविता बिष्ट ‘नेह’, मणि अग्रवाल ‘मणिका’, डॉ. भारती मिश्रा, डॉ. क्षमा कौशिक, सिद्धि डोभाल, डॉ. प्रतिभा प्रकाश, संगीता वर्मानी ‘साध्या’, निकी पुष्कर, सत्य प्रकाश शर्मा ‘सत्य’, स्वाति ‘मौलश्री’, वंदिता श्री, डॉ. ललित सिंह राणा, रमेश चंद्र, नवीन आज़म, अशोक शर्मा, नवीन डोभाल तथा नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’ ने अपनी रचनाओं से सुप्रसिद्ध कवि एवं रचनाकारों ने अपनी सृजनशील रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर किया।
मुख्य अतिथि विजया बिष्ट ने अपने उद्बोधन में संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कवियों की साधना को नमन किया और सभी को स्नेहाशीष प्रदान किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में जी.के. पिपिल एवं अनिल अग्रवाल ने प्रेरक आशीर्वचन दिए और गोष्ठी को पूर्णता प्रदान की। संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ एवं महामंत्री डॉ. भारती मिश्रा जी ने सभी अतिथियों, कवियों और सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।



