लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर बारिश के कारण गड्ढे ही गड्ढे, टोल पर रोक
एनएचएआई ने एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी को किया नॉन-परफॉर्मर घोषित, नहीं मिलेगा नया काम, प्रोजेक्ट मैनेजर और 2 इंजीनियरों को भी हटाया
लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स पर रोक लगा दी गई है। बारिश में सड़क बार-बार धंसने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बुधवार को यह फैसला लिया।एनएचएआई ने कहा- एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ठीक होने तक टोल नहीं लिया जाएगा।
एनएचएआई ने एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। अब कंपनी को एनएचएआई की ओर से कोई नया काम नहीं मिलेगा। साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजर और 2 इंजीनियरों को भी हटा दिया है।
63 किमी लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 4,700 करोड़ रुपए की लागत से बना है। 23 दिन पहले 13 जुलाई को इसका उद्घाटन हुआ था। एक्सप्रेस-वे को आगरा की पीएनसी कंपनी ने बनाया है। पीएनसी के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं।
एनएचएआई के रीजनल अफसर गौतम विशाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- एक्सप्रेस-वे की गड़बड़ियां ठीक करने में करीब 3 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका खर्च भी कंपनी को ही उठाना होगा। 26 जुलाई को एक्सप्रेस-वे के किमी 64 के पास स्लिपेज मिला था। इसे तुरंत ठीक कराया गया। जहां भी ऐसी शिकायत मिली, वहां लगातार सुधार कराया गया।
उन्होंने बताया, ‘पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को भी परियोजना से हटा दिया गया है। इन्हें अगले 2 साल तक एनएचएआई के किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।
वहीं, एनएचएआई की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर रहे नकुल प्रकाश वर्मा को भी उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान सौरभ चौरसिया भी प्रोजेक्ट मैनेजर रहे थे। लापरवाही के मामले में दोनों लोगों को नोटिस जारी किया गया है।’
कहां-कहां धंसा एक्सप्रेस-वे
किमी 31: बिना कट वाली जगह पर खड़े ट्रक का पहिया सड़क धंसने से नीचे चला गया।
किमी 37.7: असोहा के कांथा गांव के पास सड़क धंस गई।
किमी 39.7: दो दिन पहले डाली गई डामर की परत दब गई। यहां मिट्टी कटने से गड्ढा भी बन गया।
किमी 62.3: यहां सड़क छठी बार धंसी है। 4 मीटर हिस्से में दरारें पड़ गईं। बाईपास की ओर 15 मीटर हिस्सा दबने से गड्ढा बन गया। उन्नाव लेन पर भी तीन जगह दरारें आ गईं।
किमी 64: यहां 200 मीटर लंबा पुल है। सड़क का हिस्सा उखाड़कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और दोबारा मरम्मत की जा रही है।
किमी 65 से 65.2: अचलगंज के बेहटा गांव के पास करीब 200 मीटर हिस्से में सड़क धंस गई।
किमी 67: 5 किमी के डायवर्जन वाले हिस्से में फिर सड़क धंसने की समस्या सामने आई।
किमी 72: डिवाइडर की दीवार का करीब 2 फीट प्लास्टर टूटकर गिर गया।



