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दर्द गढ़वाली समेत आठ साहित्यकार सम्मानित

-हिंदी साहित्य समिति ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी भवन में किया कार्यक्रम, वक्ताओं ने हिंदी को बढ़ावा देने पर दिया जोर

देहरादून: रविवार को हिंदी साहित्य समिति की ओर से लैंसडौन चौक स्थित हिंदी भवन में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर दर्द गढ़वाली समेत आठ साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया।

समिति के अध्यक्ष डॉ. रामविनय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आईआईपी में राजभाषा अधिकारी सोमेश्वर पांडेय ने सरकारी कार्यालयों में हिंदी भाषा में किए जा रहे कामकाज की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तमिलनाडु और नागपुर में अपने कार्यकाल के दौरान तमिल भाषियों को सरल रूप से हिंदी भाषा सिखाने के दौरान हुए अपने अनुभव पर भी चर्चा की। मुख्य अतिथि एसपी (सीआईडी) डॉ. अमित श्रीवास्तव ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए खास पैटर्न बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदी को रोजगारपरक नहीं बनाया जाएगा, तब तक बच्चे हिंदी से नहीं जुड़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार से ज्यादा निजी कंपनियां हिंदी को बढ़ावा दे रही हैं, क्योंकि वह जानती हैं कि हिंदी का बाजार व्यापक है। साहित्यकार डॉ. विद्या सिंह, डॉ. सुधा रानी पांडेय और वरिष्ठ पत्रकार असीम शुक्ल ने भी हिंदी में काम करने पर जोर दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रामविनय सिंह ने हिंदी और अन्य भाषाओं की पुस्तक का अनुवाद करने पर जोर दिया, ताकि साहित्य के साथ-साथ हिंदी भाषा भी और समृद्ध हो सके। इस मौके पर वरिष्ठ शायर योगेश्वर गौड़, डॉ. नीता कुकरेती, दर्द गढ़वाली, यामा शर्मा, कविता बिष्ट, मणि अग्रवाल मणिका, अनिता सोनी, कल्पना बहुगुणा और प्रकाशक प्रवीण भट्ट को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ शायर शादाब मशहदी ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राकेश बलूनी ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग दिया, जबकि समिति के महामंत्री हेमवती नंदन कुकरेती ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार केडी शर्मा, इक़बाल आज़र, अंबर खरबंदा, राकेश जैन, राजेश आनंद असीर, माहेश्वरी कनेरी, भारती आनंद, वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल गुसाईं, नूतन स्मृति, संगीता शाह, मोनिका मंतशा, राजेश अरोड़ा, रजनीश त्रिवेदी, रवीन्द्र सेठ, नरेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।

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