अमित शाह ने देहरादून से दिया विकसित उत्तराखंड का विजन, बोले: देवभूमि बनेगी देश की सांस्कृतिक राजधानी

देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड से प्रदेश के विकास का नया राजनीतिक विजन सामने रखा। उन्होंने उत्तराखंड को देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाना है।

शाह ने अपने संबोधन में राज्य के गठन के संघर्ष को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को संवारने का काम हो रहा है।
रोजगार और विकास के दावों पर सरकार की पीठ थपथपाई
अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए दावा किया कि प्रदेश में 35 हजार युवाओं को बिना सिफारिश के सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने निवेश, औद्योगिक विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को उत्तराखंड की बदलती तस्वीर का हिस्सा बताया।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 से प्रदेश की जीएसडीपी में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने भाषण में शाह ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उत्तराखंड को लंबे समय तक मनीऑर्डर अर्थव्यवस्था तक सीमित रखा। भाजपा सरकार ने उद्योग और निवेश के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने का काम किया है।
2027 के चुनाव के लिए 65 पार का लक्ष्य
राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण संदेश देते हुए अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर काम करने को कहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क करने और सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विकास के दावों और जनता की अपेक्षाओं के बीच होगी परीक्षा
अमित शाह का यह संबोधन केवल राज्य स्थापना दिवस का भाषण नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से भाजपा के विकास एजेंडे का प्रदर्शन भी था। हालांकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार, पहाड़ों से पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय संसाधनों से जुड़े सवालों पर जनता ठोस परिणाम चाहती है।
अब देखना होगा कि भाजपा का विकसित उत्तराखंड का संकल्प आगामी चुनाव में जनता का कितना विश्वास हासिल कर पाता है।



