बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
पति गिरधारी लाल साहू से अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता, पति पर पहली शादी की बात छिपाने का भी लगाया आरोप, रोते हुए एक वीडियो भी किया जारी
देहरादून: उत्तराखंड की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्री ने पति पर पहली शादी की बात छिपाने, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच उनकी तबीयत भी बिगड़ गई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया।

रेखा आर्या ने इस मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया है, जिसने उन्हें अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाने के लिए मजबूर किया। साथ ही अपना पक्ष रखते हुए एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वह रोते हुए सब बात बता रही हैं।

एफआईआर के मुताबिक, मंत्री आर्या ने आरोप लगाया कि उनके पति गिरधारी लाल साहू ने शादी के समय अपनी पहली शादी की बात उनसे छिपाई थी। उनके पति के दूसरी महिलाओं से संबंध हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही, जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

मंत्री रेखा आर्या ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें उन्हें मारने की साजिश से जुड़ी बातें सामने आईं। उनके मुताबिक, इस ऑडियो ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस का रुख किया और पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
रेखा आर्या ने अपने पति पर कंपनी के निदेशक पद से उन्हें हटाने के लिए उनके हस्ताक्षरों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, इस मामले में भी उनके साथ गलत किया गया। मंत्री ने अपने आरोपों के जरिए निजी जीवन में लंबे समय से चल रहे विवाद की ओर इशारा किया है।
रेखा आर्या ने एक वीडियो जारी कर इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद उन्हें अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस के पास जाना जरूरी लगा। उन्होंने महिलाओं से भी अपील की कि वे घरेलू हिंसा और प्रताड़ना को चुपचाप सहन न करें, बल्कि अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं।
मंत्री ने कहा कि किसी भी महिला को डर या दबाव में आकर अन्याय सहने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को कानूनी मदद लेनी चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।



