उत्तराखंड में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रही धूम
देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तरकाशी और बदरीनाथ व गंगोत्री धाम सहित सभी मंदिरों को फूलों और रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था। सुबह से ही मंदिरों और गंगा घाटों पर दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। लोग व्रत रखकर बाल गोपाल (कृष्ण) की पूजा कर रहे हैं।
ऋषिकेश के मधुबन आश्रम में भगवान कृष्ण के लिए 56 भोग तैयार किए गए हैं। यहां सुबह से भजन-कीर्तन चल रहा है, जबकि जन्माष्टमी के आयोजन में 450 से ज्यादा बच्चे हरिनाम संकीर्तन करते हुए मैराथन में शामिल हुए। टिहरी के चंबा में नन्हे कान्हा को गोद में उठाकर हांडी फोड़ी गई, वहीं पौड़ी जिला कारागार में करीब 30 साल पुरानी जन्माष्टमी की परंपरा के तहत बंदियों ने भी पूजा और भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया।
नागताल झील (उखीमठ) और विभिन्न क्षेत्रों में झांकियाँ, भजन-कीर्तन तथा गढ़वाली कृष्ण लीला के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चे राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजकर आकर्षण का केंद्र बने हैं। उधर, काशीपुर में बारिश ने जन्माष्टमी के बाजार पर असर डाला है। कान्हा की पोशाक, मुकुट और सजावट का सामान खरीदने लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन दुकानदारों को मौसम खराब रहने पर बिक्री प्रभावित होने की चिंता है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी और गीता के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।



